शिमला
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों के लिए अपनी चुनावी बिसात बिछा दी है। शिमला के राजीव भवन में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति और राजनीतिक मामलों की कमेटी (PAC) की बैठक में प्रत्याशियों के चयन के लिए जिला स्तर पर पर्यवेक्षक तैनात करने और विशेष कमेटियां गठित करने का निर्णय लिया गया।
प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने 'एक व्यक्ति, एक पद' के सिद्धांत को दोहराते हुए कार्यकर्ताओं से एकजुट होने का आह्वान किया, वहीं प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने जल्द ही ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों की घोषणा करने और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस अवसर पर सरकार और संगठन के बीच किसी भी तरह के मतभेद की खबरों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि दोनों के बीच बेहतर तालमेल है।
उन्होंने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि आगामी पंचायत चुनाव पार्टी चिन्ह (Symbol) के आधार पर नहीं लड़े जाएंगे। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पार्टी के भीतर सभी विषयों पर गहन चर्चा होती है और संगठन की मजबूती के लिए सरकार पूरी तरह साथ है, ताकि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को उचित अवसर मिल सके।
मुख्यमंत्री ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कांग्रेस को महिलाओं के उत्थान का असली पैरोकार बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने ही 73वें और 74वें संविधान संशोधन के जरिए महिलाओं को पंचायती राज में आरक्षण की सौगात दी थी,
जबकि वर्तमान केंद्र सरकार इसे केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है। बैठक में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और प्रतिभा सिंह सहित मंत्रिमंडल के तमाम सदस्य मौजूद रहे, जहां 'कनेक्ट सेंटर' के जरिए पदाधिकारियों के कार्यों की डिजिटल समीक्षा करने पर भी सहमति बनी।