हिमाचल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: विवाह के बाद नहीं छीनी जा सकती वन मित्र भर्ती की पात्रता, नीतू कुमारी को नियुक्ति के आदेश

हिमाचल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: विवाह के बाद नहीं छीनी जा सकती वन मित्र भर्ती की पात्रता, नीतू कुमारी को नियुक्ति के आदेश
हिमाचल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: विवाह के बाद नहीं छीनी जा सकती वन मित्र भर्ती की पात्रता, नीतू कुमारी को नियुक्ति के आदेश

Published:

हाईकोर्ट ने कहा- आवेदन की अंतिम तिथि के आधार पर तय होगी पात्रता, भर्ती में देरी का खामियाजा उम्मीदवार को नहीं भुगतना पड़ेगा

हिमाचल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: आवेदन की अंतिम तिथि से तय होगी पात्रता

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने वन मित्र भर्ती मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवार की पात्रता और दस्तावेजों की वैधता आवेदन की अंतिम तिथि के आधार पर ही तय की जाएगी।

यदि भर्ती प्रक्रिया के दौरान किसी महिला उम्मीदवार का विवाह हो जाता है, तो केवल इसी आधार पर उसकी बीपीएल श्रेणी या स्थानीय निवास की पात्रता समाप्त नहीं की जा सकती।

न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल की अदालत ने वन विभाग द्वारा 16 अप्रैल 2025 को जारी वह आदेश रद्द कर दिया, जिसके तहत याचिकाकर्ता नीतू कुमारी की उम्मीदवारी खारिज कर दी गई थी। अदालत ने राज्य सरकार और वन विभाग को निर्देश दिया कि नीतू कुमारी को द्रंग बीट में वन मित्र के पद पर तत्काल नियुक्त किया जाए।

15 मार्च 2025 से मानी जाएगी नियुक्ति

हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि नीतू कुमारी की नियुक्ति 15 मार्च 2025 से प्रभावी मानी जाएगी, जिस दिन अन्य चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति दी गई थी। अदालत ने उन्हें वरिष्ठता के साथ-साथ वास्तविक वित्तीय लाभ देने के भी निर्देश दिए।

हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस निजी प्रतिवादी को विभाग ने नियुक्त किया था, उसकी कोई गलती नहीं थी। इसलिए उसकी सेवा समाप्त नहीं की जाएगी और वन विभाग उसे उसी या किसी निकटवर्ती बीट में समायोजित करेगा।

क्या था पूरा मामला?

वन विभाग ने नवंबर 2023 में द्रंग वन परिक्षेत्र के तहत वन मित्र पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। आवेदन की अंतिम तिथि 30 दिसंबर 2023 निर्धारित की गई थी।

नीतू कुमारी ने 14 दिसंबर 2023 को अनुसूचित जाति (एससी) एवं बीपीएल श्रेणी के तहत ग्राम पंचायत पाली की निवासी के रूप में आवेदन किया था। उन्होंने शारीरिक दक्षता परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की और दस्तावेज सत्यापन सूची में द्रंग बीट के लिए प्रथम स्थान प्राप्त किया।

भर्ती में देरी बनी विवाद की वजह

चयन प्रक्रिया एक वर्ष से अधिक समय तक चली। इस दौरान मार्च 2024 में नीतू कुमारी का विवाह हो गया। नवंबर 2024 में दस्तावेजों के सत्यापन के समय विभाग ने यह कहते हुए उनकी बीपीएल श्रेणी और उम्मीदवारी रद्द कर दी कि विवाह के बाद वह अपने पति के परिवार के साथ रहने लगी हैं, जो बीपीएल श्रेणी में नहीं आता, और अब वह ग्राम पंचायत पाली की निवासी भी नहीं रहीं।

इसके बाद विभाग ने दूसरे उम्मीदवार को नियुक्ति पत्र जारी कर दिया।

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि जब भर्ती विज्ञापन में 30 दिसंबर 2023 आवेदन की अंतिम तिथि तय थी, तो उम्मीदवार की पात्रता का आकलन भी उसी तिथि के आधार पर किया जाना चाहिए। दस्तावेज सत्यापन का उद्देश्य केवल आवेदन की अंतिम तिथि तक जमा किए गए प्रमाण-पत्रों की सत्यता की जांच करना होता है।

अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि देश में ऐसा कोई कानून नहीं है, जो किसी अविवाहित महिला को नौकरी की भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक विवाह न करने के लिए बाध्य करता हो। यदि विभाग को भर्ती प्रक्रिया पूरी करने में एक वर्ष का समय लगा, तो इसका नुकसान उम्मीदवार को नहीं उठाना चाहिए।

यह फैसला भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे स्पष्ट हो गया है कि आवेदन की अंतिम तिथि के बाद हुए व्यक्तिगत या पारिवारिक बदलावों के आधार पर किसी उम्मीदवार की पात्रता समाप्त नहीं की जा सकती।

Keywords:

Himachal Pradesh High Court, Van Mitra Recruitment, Neetu Kumari, HP High Court, Forest Department Himachal, BPL Eligibility, Recruitment Rules, Government Jobs Himachal, Marriage Eligibility, HP Forest Recruitment, Court Order, Himachal News, Recruitment Eligibility, Ajay Mohan Goel, HP Government Jobs

follow us on facebook
subscribe to us on youtube

इस खबर के विषय

संबंधित खबरें

घवांडल पशु चिकित्सालय में पशु जन्म नियंत्रण शिविर, 15 कुत्तों की सफल नसबंदी

घवांडल पशु चिकित्सालय में पशु जन्म नियंत्रण शिविर, 15 कुत्तों की सफल नसबंदी

पशु चिकित्सालय घवांडल में आयोजित पशु जन्म नियंत्रण शिविर में 15 श्वानों की सफल शल्य चिकित्सा की गई। इनमें 7 मादा और 8 नर कुत्ते शामिल रहे। शिविर का उद्देश्य ...

पूरा पढ़ें (Read More) →
करंट लगने से इकलौते बेटे की मौत, दो महीने बाद भी परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा प्रशासन; चार बहनों और बुजुर्ग माता-पिता का था सहारा

करंट लगने से इकलौते बेटे की मौत, दो महीने बाद भी परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा प्रशासन; चार बहनों और बुजुर्ग माता-पिता का था सहारा

बिलासपुर के श्री नयना देवी जी क्षेत्र के भटेड गांव में करंट लगने से जान गंवाने वाले गुरमेल सिंह के परिवार ने प्रशासन पर सुध न लेने का आरोप लगाया है। परिवार क...

पूरा पढ़ें (Read More) →
13 नवंबर को मंडी में CM सुक्खू के नेतृत्व में निकलेगी एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन, तैयारियों में जुटा प्रशासन

13 नवंबर को मंडी में CM सुक्खू के नेतृत्व में निकलेगी एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन, तैयारियों में जुटा प्रशासन

हिमाचल को चिट्टे के नशे से मुक्त बनाने के उद्देश्य से 13 नवंबर को मंडी में एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू...

पूरा पढ़ें (Read More) →
बीबीएमबी मामले पर विक्रमादित्य सिंह बोले- वीरभद्र सिंह ने शुरू की थी हिमाचल के हक की लड़ाई, चंडीगढ़ में भी जारी रहेगी हिस्सेदारी की मांग

बीबीएमबी मामले पर विक्रमादित्य सिंह बोले- वीरभद्र सिंह ने शुरू की थी हिमाचल के हक की लड़ाई, चंडीगढ़ में भी जारी रहेगी हिस्सेदारी की मांग

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बीबीएमबी में हिमाचल की हिस्सेदारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इस कानूनी लड़ाई क...

पूरा पढ़ें (Read More) →
BBMB मामले में हिमाचल को बड़ी जीत, हर साल 600 से 1000 करोड़ रुपये का होगा फायदा: हर्षवर्धन चौहान

BBMB मामले में हिमाचल को बड़ी जीत, हर साल 600 से 1000 करोड़ रुपये का होगा फायदा: हर्षवर्धन चौहान

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने BBMB मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हिमाचल की बड़ी जीत बताया है। उनके अनुसार प्रदेश को 11,975 मिलियन यूनिट बिजली की बका...

पूरा पढ़ें (Read More) →

इससे पहले और बाद की खबरें