शिमला।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र से पहले बुधवार को राजधानी शिमला का राजनीतिक माहौल गर्मा गया। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ सचिवालय मार्च निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, पार्टी के विधायक, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। भाजपा ने सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध, कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और विकास कार्यों में कथित सुस्ती जैसे मुद्दों को लेकर निशाना साधा।
बैरिकेड पर रोका गया सचिवालय मार्च
सचिवालय की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने पहले से लगाए गए बैरिकेड पर रोक दिया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कुछ समय तक तीखी नोकझोंक और हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। हालांकि पुलिस ने किसी भी प्रदर्शनकारी को बैरिकेड पार नहीं करने दिया और स्थिति को नियंत्रण में बनाए रखा। पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रदर्शन को देखते हुए मुख्यमंत्री आवास ओक ओवर, हिमाचल सचिवालय और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। कई स्थानों पर अतिरिक्त बैरिकेड लगाए गए और यातायात व्यवस्था पर भी विशेष निगरानी रखी गई। प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रखी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।
सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार विपक्षी नेताओं, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ राजनीतिक दुर्भावना से कार्रवाई कर रही है। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की आवाज दबाने के लिए प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है। पार्टी ने राजनीतिक आधार पर दर्ज मामलों की निष्पक्ष जांच और समीक्षा की मांग भी उठाई।
जयराम ठाकुर ने सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को रोकने की राजनीति शुरू कर दी। उन्होंने दावा किया कि पंचायत और शहरी निकाय चुनावों में जनता ने कांग्रेस सरकार को नकार दिया है और आने वाले विधानसभा चुनावों में भी जनता इसका जवाब देगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी हार से बौखलाई सरकार प्रशासन पर दबाव डालकर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करा रही है। उनके अनुसार पार्टी नेताओं के साथ-साथ उनके परिवारों, पंचायत प्रतिनिधियों और जिला परिषद सदस्यों तक को राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार बनाया जा रहा है।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी उठाए सवाल
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार की आलोचना करने वाले पत्रकारों और सोशल मीडिया पर सवाल उठाने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताते हुए कहा कि भाजपा इन सभी मुद्दों को विधानसभा के मानसून सत्र में प्रमुखता से उठाएगी और जरूरत पड़ने पर सड़क पर भी आंदोलन जारी रखेगी।
कानून-व्यवस्था और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ते अपराध, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और विकास कार्यों में कथित धीमी गति को लेकर सरकार पर निशाना साधा। नेताओं का कहना था कि प्रदेश की जनता कई समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन सरकार उनका समाधान करने के बजाय विपक्ष को निशाना बनाने में लगी हुई है।
हर विधानसभा क्षेत्र में होगा आंदोलन : बिंदल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि शिमला का यह प्रदर्शन आंदोलन की शुरुआत मात्र है। उन्होंने घोषणा की कि अब प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा और प्रत्येक मंडल स्तर पर हर महीने कांग्रेस सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन और जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह देने, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, कर्मचारियों और किसानों से किए गए कई चुनावी वादे पूरे नहीं किए। साथ ही उन्होंने सरकार पर स्कूल, कॉलेज और अन्य संस्थान बंद करने तथा जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाने का भी आरोप लगाया।
आंदोलन जारी रखने का ऐलान
प्रदर्शन के समापन पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों, भ्रष्टाचार और राजनीतिक प्रतिशोध के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। पार्टी ने स्पष्ट किया कि विधानसभा के मानसून सत्र में इन सभी मुद्दों को मजबूती से उठाया जाएगा और जनता के हितों के लिए सड़क से लेकर सदन तक आवाज बुलंद की जाएगी।