आईएमडी ने कांगड़ा, मंडी, चंबा, बिलासपुर और सिरमौर समेत कई जिलों के लिए जारी की चेतावनी, 3 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने के आसार।
हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के शिमला केंद्र ने राज्य के कई जिलों में 29 और 30 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, 31 जुलाई से 3 अगस्त तक भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इस दौरान भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, जलभराव और तेज हवाओं का खतरा बना रहेगा।
पिछले 24 घंटे में कई क्षेत्रों में झमाझम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कई स्थानों पर भारी वर्षा हुई। चंबा के जोत में सबसे अधिक 14 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
इसके अलावा नैना देवी में 12 सेंटीमीटर, चुवाड़ी में 11 सेंटीमीटर, कटौला में 9 सेंटीमीटर और मुरारी देवी में 8 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। शिमला, ऊना, हमीरपुर, मंडी और कांगड़ा सहित अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश हुई।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार 29 जुलाई को कांगड़ा, मंडी, सिरमौर, बिलासपुर और चंबा जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं 30 जुलाई को भी बिलासपुर, कांगड़ा, सिरमौर, शिमला, कुल्लू, सोलन, ऊना और हमीरपुर के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और जलभराव का खतरा
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार हो रही बारिश के कारण संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ सकती हैं। इसके अलावा अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड), नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने, निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर फिसलन जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।
इससे यातायात प्रभावित होने, ट्रैफिक जाम लगने और बिजली सहित अन्य आवश्यक सेवाओं में बाधा आने की आशंका है।
तेज हवाएं भी बढ़ाएंगी मुश्किलें
निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं किन्नौर और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी तेज हवाओं का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग की लोगों से अपील
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और खड्डों के किनारे जाने से बचें। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा न करें और घर से निकलने से पहले मौसम और सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी अवश्य लें।
किसानों, बागवानों और पर्यटकों को भी मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
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