प्रदेश महासचिव लेख राज बोले- SC, ST, OBC और सामान्य वर्ग के स्वीकृत, कार्यरत व रिक्त पदों की जानकारी जनता के लिए उपलब्ध कराए सरकार।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) हिमाचल प्रदेश के प्रदेश महासचिव लेख राज ने राज्य सरकार से मांग की है कि सभी सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों, आयोगों, विश्वविद्यालयों एवं स्वायत्त संस्थाओं में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) तथा सामान्य वर्ग के स्वीकृत,
कार्यरत और रिक्त पदों का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए। उनका कहना है कि इससे सरकारी नियुक्तियों में पारदर्शिता बढ़ेगी और आरक्षण नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर जनता का विश्वास मजबूत होगा।
लेख राज ने बताया कि बसपा जिला कांगड़ा के जिला सचिव शिव कुमार ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों, आयोगों, विश्वविद्यालयों और स्वायत्त संस्थाओं से स्वीकृत पदों, वर्गवार कार्यरत कर्मचारियों, रिक्त पदों, आरक्षण रोस्टर,
पिछले पांच वर्षों में हुई नियमित भर्तियों तथा डि-रिजर्व किए गए पदों से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी है।
उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं में आरक्षण व्यवस्था संविधान द्वारा प्रदत्त सामाजिक न्याय का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को यह जानने का अधिकार है कि विभिन्न विभागों में आरक्षित एवं सामान्य वर्ग के कितने पद स्वीकृत हैं, कितने पद भरे हुए हैं, कितने रिक्त हैं तथा उन्हें भरने के लिए सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं।
बसपा प्रदेश महासचिव ने कहा कि यदि किसी विभाग में आरक्षित पद लंबे समय से खाली पड़े हैं या किसी पद को डि-रिजर्व किया गया है, तो उसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 का उद्देश्य शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है और सरकार को इस भावना के अनुरूप कार्य करना चाहिए।
बसपा ने राज्य सरकार से यह भी मांग की कि सभी विभागों में स्वीकृत पदों, रिक्त पदों, आरक्षण रोस्टर तथा भर्ती संबंधी सूचनाएं नियमित रूप से सार्वजनिक की जाएं, ताकि नागरिकों को बार-बार सूचना के अधिकार का सहारा न लेना पड़े। साथ ही, यदि संबंधित अभिलेख उपलब्ध हैं तो अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार समयबद्ध तरीके से जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
इस अवसर पर बसपा जिला कांगड़ा के जिला अध्यक्ष शाली राम, जिला सचिव शिव कुमार तथा संजय कुमार भी उपस्थित रहे। नेताओं ने कहा कि आरक्षण नीति का पूर्ण एवं पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है और आवश्यकता पड़ने पर बहुजन समाज पार्टी इस मुद्दे को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक माध्यमों से उठाती रहेगी।
अंत में लेख राज ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकारों, सरकारी नियुक्तियों में पारदर्शिता तथा आरक्षण व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी। आवश्यकता पड़ने पर इस विषय को राज्य सूचना आयोग तथा अन्य सक्षम संवैधानिक एवं वैधानिक मंचों के समक्ष भी ले जाया जाएगा।
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