शिमला।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए बनाए जा रहे 'हिम बस कार्ड' (Him Bus Card) की प्रक्रिया और इसके कार्यान्वयन की समीक्षा करने का निर्णय लिया है। प्रदेश सचिवालय में हुई हालिया बैठक के बाद यह स्पष्ट किया गया है कि सरकार इस योजना को अधिक छात्र-अनुकूल और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाएगी।
समीक्षा की आवश्यकता क्यों?
विभिन्न जिलों से मिल रही फीडबैक और छात्रों को कार्ड बनवाने में आ रही तकनीकी व व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। वर्तमान में बस पास या कार्ड के लिए निर्धारित दूरी के नियमों की समीक्षा की जाएगी।
ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण में आ रही देरी को कम करने के लिए पोर्टल में सुधार किया जा सकता है। कई क्षेत्रों से शिकायतें आ रही थीं कि निजी बस ऑपरेटर इन कार्डों को स्वीकार करने में आनाकानी कर रहे हैं, जिस पर सरकार कड़ा रुख अपना सकती है।
शिक्षा और परिवहन विभाग का आपसी समन्वय
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग और एचआरटीसी (HRTC) प्रबंधन को निर्देश दिए हैं कि वे आपसी समन्वय से एक ऐसी रिपोर्ट तैयार करें, जिससे दुर्गम क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में कोई असुविधा न हो।
क्या हो सकते हैं संभावित बदलाव?
डिजिटल एक्सेस: मोबाइल ऐप के जरिए डिजिटल कार्ड की सुविधा।
नवीनीकरण (Renewal) का सरलीकरण: हर साल लंबी प्रक्रिया के बजाय एक बार के सत्यापन पर जोर।
हेल्पलाइन नंबर: छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष डेस्क की स्थापना।
हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी विद्यार्थी परिवहन सुविधा के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे। 'हिम बस कार्ड' योजना की समीक्षा कर हम इसे और अधिक प्रभावी बनाएंगे।" — सरकारी प्रवक्ता, हिमाचल प्रदेश