शिमला। भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) देहरादून से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद हिमाचल प्रदेश के आठ युवाओं ने सेना और वायुसेना में अधिकारी बनकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। पासिंग आउट परेड के दौरान इन युवाओं ने देश सेवा की शपथ ली। उनकी इस उपलब्धि से परिवारों के साथ-साथ पूरे प्रदेश में गर्व और उत्साह का माहौल है।
हमीरपुर जिले के नादौन क्षेत्र के समहूं गांव की देवांशी शर्मा वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनी हैं। देवांशी को रक्षा सेवाओं में जाने की प्रेरणा उनके नाना कर्नल रोशन लाल शर्मा से मिली। उनके पिता इंजीनियर राजेश शर्मा और माता नीना शर्मा ने बताया कि देवांशी बचपन से ही देश सेवा का सपना देखती थीं।
कांगड़ा जिले के बैजनाथ क्षेत्र से अनिमेष कुमार ने भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त किया है। गणेश बाजार निवासी अनिमेष की प्रारंभिक शिक्षा माउंट कार्मल स्कूल बैजनाथ में हुई।
वहीं बंडीयां खोपा पंचायत के नितिन ठाकुर ने वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर (फाइटर पायलट) के रूप में कमीशन हासिल किया है। सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार से संबंध रखने वाले नितिन की उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी की लहर है।
सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र के विवेक चौहान और तेजेंद्र ठाकुर भी सेना में अधिकारी बने हैं। विवेक चौहान ने अपने पिता कर्नल जे.एस. चौहान की सैन्य विरासत को आगे बढ़ाया है। वहीं ग्राम भेड़ीवाली सालवाला के तेजेंद्र ठाकुर के अधिकारी बनने पर क्षेत्र में उनका जोरदार स्वागत किया गया।
ऊना जिले के नकड़ोह गांव के अर्पित जसवाल ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर अपना सपना साकार किया है। उनकी नियुक्ति बॉम्बे इंजीनियर्स में हुई है। अर्पित ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार और परिजनों को दिया है।
धर्मशाला के श्यामनगर निवासी गौरव ठाकुर भी भारतीय सेना में अधिकारी बने हैं। गौरव सैन्य परंपरा वाले परिवार से आते हैं। उनके पिता सेना से सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि दादा भी भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके हैं।
मंडी जिले के जोगिंद्रनगर निवासी सृजन गोस्वामी ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) और आईएमए देहरादून में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सेना में लेफ्टिनेंट का पद प्राप्त किया है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार और शिक्षकों को दिया।
इसी तरह रैंखा के मत्याल गांव के साहिल कुमार भी सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। उनके परिवार की तीसरी पीढ़ी भारतीय सेना में पहुंची है। वहीं ग्राम पंचायत पधियाण के तन्मय सांख्यान ने भी सैन्य अधिकारी बनकर अपने परिवार की देशसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाया है। उनके पिता और दादा दोनों भारतीय सशस्त्र बलों में सेवाएं दे चुके हैं।
इन सभी युवाओं की उपलब्धि ने हिमाचल प्रदेश को गौरवान्वित किया है और प्रदेश के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।