शहीदी दिवस पर वीर जवान की शौर्यगाथा को किया याद, परमवीर चक्र विजेता संजय कुमार सहित बड़ी संख्या में लोगों ने दी श्रद्धांजलि
झंडूता उपमंडल के कोटधार क्षेत्र की ग्राम पंचायत सनीहरा के गांव गंगलोह से संबंध रखने वाले शहीद लांस दफेदार बलदेव चंद शौर्य चक्र विजेता के शहीदी दिवस पर राजकीय उच्च पाठशाला गंगलोह में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान शहीद बलदेव चंद की वीरता, साहस और देश के प्रति उनके सर्वोच्च बलिदान को याद किया गया। उपस्थित लोगों ने शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनकी शौर्यगाथा को नमन किया।
इस अवसर पर विधायक जीत राम कटवाल ने शहीद लांस दफेदार बलदेव चंद शौर्य चक्र स्मारक का लोकार्पण किया। उन्होंने शहीद बलदेव चंद की वीरता और देश सेवा को नमन करते हुए कहा कि देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर जवानों का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक आने वाली पीढ़ियों के लिए देशभक्ति, राष्ट्र सेवा और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा का केंद्र बनेगा। स्मारक के माध्यम से क्षेत्र के लोग और युवा शहीद बलदेव चंद के अदम्य साहस और देश के प्रति समर्पण को हमेशा याद रख सकेंगे।
परिजनों और स्थानीय लोगों ने दी श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शहीद बलदेव चंद के परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। उनकी पत्नी शिवानी के साथ उनके पिता और माता ने कार्यक्रम में पहुंचकर शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए। झंडूता विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग गंगलोह पहुंचे और शहीद बलदेव चंद को श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में परमवीर चक्र विजेता संजय कुमार की विशेष उपस्थिति रही। उनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम को और गरिमामय बना दिया। इस दौरान हरवंश, अमरनाथ धीमान, रमेश और राजेश ढटवालिया सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे। लोगों ने शहीद बलदेव चंद की वीरता को याद करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
डोडा में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान दिया सर्वोच्च बलिदान
जानकारी के अनुसार, लांस दफेदार बलदेव चंद 4 राष्ट्रीय राइफल्स/आर्मर्ड कोर में तैनात थे। जम्मू-कश्मीर के डोडा क्षेत्र में 19-20 सितंबर 2025 को सेओज धार के जंगलों में चलाए गए आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान उन्होंने असाधारण साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया।
अभियान के दौरान हुई भीषण मुठभेड़ में लांस दफेदार बलदेव चंद ने आगे बढ़कर नेतृत्व किया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने मिशन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए अपने कर्तव्य का निर्वहन जारी रखा। भारतीय सेना की सर्वोच्च परंपराओं को कायम रखते हुए उन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
उनके अदम्य साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण और राष्ट्र के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए शहीदी दिवस पर गंगलोह में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं और उपस्थित लोगों ने कहा कि शहीद बलदेव चंद की वीरता और शहादत क्षेत्र के साथ-साथ देश के युवाओं के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगा शहीद स्मारक
गंगलोह में शहीद बलदेव चंद के नाम पर शौर्य चक्र स्मारक का लोकार्पण इस कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। स्मारक शहीद की वीरता और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण की याद को स्थायी रूप से संजोए रखेगा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि ऐसे स्मारक नई पीढ़ी को देश की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों के योगदान से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शहीद दिवस के अवसर पर गंगलोह में जुटे लोगों ने एक बार फिर शहीद लांस दफेदार बलदेव चंद के बलिदान को नमन किया और उनके आदर्शों को याद किया। उपस्थित लोगों ने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान हमेशा स्मरणीय रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को देश सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।
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