रिवालसर झील परिसर में सफाई व्यवस्था बदहाल, काई और कचरे से बढ़ा हादसे का खतरा

रिवालसर झील परिसर में सफाई व्यवस्था बदहाल, काई और कचरे से बढ़ा हादसे का खतरा
रिवालसर झील परिसर में सफाई व्यवस्था बदहाल, काई और कचरे से बढ़ा हादसे का खतरा

Published:

नगर पंचायत के स्वच्छता के दावों के बीच झील किनारे गंदगी और फिसलन से श्रद्धालु परेशान, बुजुर्गों और बच्चों के लिए बढ़ा जोखिम

तीन धर्मों हिंदू, बौद्ध और सिख की पवित्र संगम स्थली रिवालसर झील परिसर में इन दिनों सफाई व्यवस्था बदहाल नजर आ रही है। स्थानीय प्रशासन और नगर पंचायत की ओर से स्वच्छता व्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावों के बावजूद झील के आसपास कई स्थानों पर गंदगी और अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है।

धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस स्थल पर सफाई व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों और यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में रोष है।

झील के किनारे कई जगहों पर काई जमने और कचरा जमा होने से फिसलन की स्थिति बनी हुई है। इसके कारण झील की परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ स्थानों पर फिसलन इतनी अधिक है कि चलते समय पैर फिसलने का खतरा बना रहता है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए झील की परिक्रमा करना जोखिम भरा हो सकता है।

नियमित सफाई नहीं होने से बनी स्थिति

डीएजी संस्था के निदेशक नरेश शर्मा, समाजसेवी योगराज शर्मा, संदीप, यश पाल, तेज लाल सहित अन्य स्थानीय निवासियों और दर्शन के लिए रिवालसर पहुंच रहे श्रद्धालुओं का कहना है कि झील परिसर में नियमित रूप से साफ-सफाई नहीं होने के कारण यह स्थिति पैदा हुई है।

लोगों का कहना है कि झील परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं, ऐसे में यहां साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

स्थानीय लोगों ने कहा कि धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण रिवालसर झील परिसर में स्वच्छता को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। झील के आसपास काई और कचरे की वजह से न केवल परिसर की स्थिति खराब नजर आ रही है, बल्कि लोगों के लिए फिसलने का खतरा भी बना हुआ है।

लोगों ने प्रशासन से झील किनारे जमा काई और कचरे को तत्काल हटाने तथा नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

लोग बोले- सफाई करवाने में असमर्थ हैं तो हमें बताएं

स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि झील परिसर की स्थिति का तुरंत निरीक्षण करवाया जाए और जहां-जहां काई जमा है, उसे हटाया जाए। लोगों का कहना है कि यदि नगर पंचायत या स्थानीय प्रशासन सफाई व्यवस्था करवाने में असमर्थ है तो उन्हें बताया जाए, वे स्वयं झील परिसर की सफाई करवाने के लिए तैयार हैं।

लोगों ने कहा कि किसी हादसे के बाद व्यवस्था सुधारने के बजाय पहले ही जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। विशेष रूप से झील की परिक्रमा वाले मार्ग पर फिसलन वाले स्थानों को चिन्हित कर उनकी सफाई और आवश्यक व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी तरह की परेशानी न हो।

नगर पंचायत अध्यक्ष ने दिए दिशा-निर्देश

नगर पंचायत अध्यक्ष लाभ सिंह ठाकुर ने बताया कि झील परिसर में सफाई व्यवस्था से जुड़ा मामला उनके ध्यान में लाया गया है। उन्होंने कहा कि झील परिसर की सफाई व्यवस्था को लेकर किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि किन कारणों से यह स्थिति पैदा हुई है, इस संबंध में नगर पंचायत कार्यालय को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

नगर पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि झील परिसर की स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। अब देखना होगा कि नगर पंचायत की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के बाद झील किनारे जमी काई और जमा कचरे को हटाने के लिए कितनी जल्दी कार्रवाई की जाती है।

फिलहाल स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की मांग है कि रिवालसर झील परिसर में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि धार्मिक स्थल की गरिमा बनी रहे और यहां आने वाले लोगों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

follow us on facebook
subscribe to us on youtube

इस खबर के विषय

संबंधित खबरें

घवांडल पशु चिकित्सालय में पशु जन्म नियंत्रण शिविर, 15 कुत्तों की सफल नसबंदी

घवांडल पशु चिकित्सालय में पशु जन्म नियंत्रण शिविर, 15 कुत्तों की सफल नसबंदी

पशु चिकित्सालय घवांडल में आयोजित पशु जन्म नियंत्रण शिविर में 15 श्वानों की सफल शल्य चिकित्सा की गई। इनमें 7 मादा और 8 नर कुत्ते शामिल रहे। शिविर का उद्देश्य ...

पूरा पढ़ें (Read More) →
करंट लगने से इकलौते बेटे की मौत, दो महीने बाद भी परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा प्रशासन; चार बहनों और बुजुर्ग माता-पिता का था सहारा

करंट लगने से इकलौते बेटे की मौत, दो महीने बाद भी परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा प्रशासन; चार बहनों और बुजुर्ग माता-पिता का था सहारा

बिलासपुर के श्री नयना देवी जी क्षेत्र के भटेड गांव में करंट लगने से जान गंवाने वाले गुरमेल सिंह के परिवार ने प्रशासन पर सुध न लेने का आरोप लगाया है। परिवार क...

पूरा पढ़ें (Read More) →
13 नवंबर को मंडी में CM सुक्खू के नेतृत्व में निकलेगी एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन, तैयारियों में जुटा प्रशासन

13 नवंबर को मंडी में CM सुक्खू के नेतृत्व में निकलेगी एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन, तैयारियों में जुटा प्रशासन

हिमाचल को चिट्टे के नशे से मुक्त बनाने के उद्देश्य से 13 नवंबर को मंडी में एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू...

पूरा पढ़ें (Read More) →
बीबीएमबी मामले पर विक्रमादित्य सिंह बोले- वीरभद्र सिंह ने शुरू की थी हिमाचल के हक की लड़ाई, चंडीगढ़ में भी जारी रहेगी हिस्सेदारी की मांग

बीबीएमबी मामले पर विक्रमादित्य सिंह बोले- वीरभद्र सिंह ने शुरू की थी हिमाचल के हक की लड़ाई, चंडीगढ़ में भी जारी रहेगी हिस्सेदारी की मांग

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बीबीएमबी में हिमाचल की हिस्सेदारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इस कानूनी लड़ाई क...

पूरा पढ़ें (Read More) →
BBMB मामले में हिमाचल को बड़ी जीत, हर साल 600 से 1000 करोड़ रुपये का होगा फायदा: हर्षवर्धन चौहान

BBMB मामले में हिमाचल को बड़ी जीत, हर साल 600 से 1000 करोड़ रुपये का होगा फायदा: हर्षवर्धन चौहान

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने BBMB मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हिमाचल की बड़ी जीत बताया है। उनके अनुसार प्रदेश को 11,975 मिलियन यूनिट बिजली की बका...

पूरा पढ़ें (Read More) →

इससे पहले और बाद की खबरें