65 वर्षीय दारा सिंह ने दर्ज कराई शिकायत, 5 से 18 सितंबर के बीच खाते से निकाली गई 11,04,799.61 रुपये की रकम
शिमला जिले के चिड़गांव में ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। चिचवाड़ी निवासी 65 वर्षीय दारा सिंह बांशा के बैंक खाते से 33 अनधिकृत यूपीआई लेनदेन के माध्यम से 11 लाख रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर कर दी गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार, इन लेनदेन में से उन्होंने कोई भी लेनदेन नहीं किया और न ही किसी अन्य व्यक्ति को अपने बैंक खाते से रकम ट्रांसफर करने की अनुमति दी थी। मामले की जानकारी सामने आने के बाद उन्होंने चिड़गांव थाना में शिकायत दर्ज करवाई है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दारा सिंह के बैंक खाते से 5 सितंबर से 18 सितंबर 2026 के बीच कुल 33 यूपीआई लेनदेन हुए। इन लेनदेन के जरिए कुल 11,04,799.61 रुपये की राशि ट्रांसफर की गई।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसे इन लेनदेन की जानकारी नहीं थी और उसने किसी भी तरह का यूपीआई भुगतान या राशि ट्रांसफर नहीं किया। खाते से अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से रकम निकलती रही, जबकि खाताधारक की ओर से इसके लिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी।
सिम अचानक हुआ बंद, कॉल और मैसेज भी आने हुए बंद
दारा सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि चिड़गांव स्थित यूको बैंक में उनका बैंक खाता है। 5 सितंबर को अचानक उनका मोबाइल सिम कार्ड काम करना बंद हो गया। सिम बंद होने के बाद उनके मोबाइल फोन पर न तो कॉल आ रही थी और न ही संदेश प्राप्त हो रहे थे।
उन्होंने इस स्थिति को सामान्य तकनीकी समस्या समझा या किसी अन्य कारण से सिम बंद होने की आशंका जताई, लेकिन इसी अवधि में उनके बैंक खाते से यूपीआई के जरिए रकम ट्रांसफर होती रही।
शिकायतकर्ता ने इस घटनाक्रम को सिम स्वैप या सिम क्लोनिंग से जुड़ा होने की आशंका जताई है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सिम बंद होने और बैंक खाते से हुए अनधिकृत लेनदेन के पीछे वास्तव में किस तरीके का इस्तेमाल किया गया। इस संबंध में पुलिस की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
33 लेनदेन का पूरा ब्योरा पुलिस को सौंपा
मामले की शिकायत करते समय दारा सिंह ने बैंक खाते से हुए सभी 33 लेनदेन का विवरण भी पुलिस को उपलब्ध करवाया है। इसमें प्रत्येक लेनदेन की तारीख, ट्रांजेक्शन आईडी अथवा यूटीआर नंबर और संबंधित राशि का ब्योरा शामिल है। इससे पुलिस को खाते से ट्रांसफर की गई रकम और प्रत्येक लेनदेन की जानकारी की जांच करने में मदद मिलेगी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, 5 से 18 सितंबर के बीच हुए इन सभी लेनदेन में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने किसी दूसरे व्यक्ति को भी अपने खाते से इस तरह की राशि ट्रांसफर करने की अनुमति नहीं दी थी। ऐसे में पुलिस अब शिकायत में दिए गए लेनदेन के विवरण और अन्य संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है।
भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 के तहत मामला दर्ज
दारा सिंह की शिकायत के आधार पर पुलिस ने चिड़गांव थाना में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान बैंक खाते से हुए लेनदेन, ट्रांजेक्शन आईडी और यूटीआर नंबर सहित शिकायत में उपलब्ध कराए गए अन्य विवरणों को देखा जाएगा।
सिम कार्ड के अचानक बंद होने की घटना भी इस मामले में अहम कड़ी मानी जा रही है। शिकायतकर्ता ने इसी आधार पर सिम स्वैप या सिम क्लोनिंग की आशंका जताई है। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि खाते से रकम किस तरीके से ट्रांसफर की गई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
यह मामला मोबाइल सिम और ऑनलाइन बैंकिंग से जुड़ी सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि शिकायतकर्ता के अनुसार सिम बंद होने के बाद ही उनके बैंक खाते से लगातार अनधिकृत यूपीआई लेनदेन हुए। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और 33 लेनदेन के माध्यम से ट्रांसफर की गई 11,04,799.61 रुपये की राशि से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
follow us on facebook
subscribe to us on youtube