शिमला।
मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शिमला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में पंजाब और हरियाणा से चिट्टे (हेरोइन) के दो मुख्य अंतर्राज्यीय सप्लायरों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपी अपर शिमला क्षेत्र में सक्रिय नशा तस्करी नेटवर्क की अहम कड़ी थे और उनकी गिरफ्तारी से चिट्टा तस्करी के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अभिषेक ने बताया कि यह कार्रवाई बैकवर्ड लिंकेज जांच, तकनीकी विश्लेषण और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के आधार पर की गई है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
ठियोग मामले में पंजाब से दबोचा सप्लायर
एएसपी के अनुसार, थाना ठियोग पुलिस ने 5 जून 2026 को राजेश चौहान निवासी जुब्बल, मानिक सूद निवासी कोटखाई और अंशुल शर्मा निवासी जुब्बल के कब्जे से 9.150 ग्राम चिट्टा बरामद किया था।
इस मामले में तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सप्लाई चेन की जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि बरामद चिट्टे की आपूर्ति पंजाब के खरड़ से की गई थी।
इसके बाद पुलिस टीम ने 16 जून को मोहाली जिले के खरड़ में दबिश देकर हिमान्शु कनौजिया उर्फ हर्ष पुत्र राकेश कनौजिया निवासी गोविंद कॉलोनी, खरड़ को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी इस खेप का मुख्य सप्लायर था।
जुब्बल मामले में हरियाणा से पकड़ा मुख्य सूत्रधार
दूसरे मामले में थाना जुब्बल में 28 अप्रैल 2026 को दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक मामले की जांच के दौरान महत्वपूर्ण सफलता मिली। इस मामले में पुलिस ने 20.09 ग्राम चिट्टा बरामद कर पंकज, विनय वर्मा और पूजा नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
मामले की गहन जांच और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को मुख्य सप्लायर के बारे में जानकारी मिली। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मनजीत सिंह (24) निवासी गांव म्योंद कलां, जाखल, जिला फतेहाबाद (हरियाणा) की पहचान की गई।
पुलिस टीम ने 17 जून को फतेहाबाद में छापेमारी कर मनजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह अपर शिमला क्षेत्र में चिट्टे की सप्लाई करने वाला मुख्य सूत्रधार था और लंबे समय से इस अवैध कारोबार से जुड़ा हुआ था।
नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश
पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों मामलों में गिरफ्तार सप्लायरों से पूछताछ की जा रही है। जांच का दायरा बढ़ाते हुए उन लोगों की भी पहचान की जा रही है जो इस नेटवर्क के माध्यम से प्रदेश में नशे की खेप पहुंचाने और उसकी बिक्री में शामिल थे।
पुलिस का कहना है कि नशा तस्करों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।