चंबा।
जिला चंबा के मेहल गांव में शुक्रवार को ऐसा हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला, जिसने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। मसरूंड-माणी सड़क हादसे में जान गंवाने वाले एक ही परिवार के छह सदस्यों की अर्थियां जब एक साथ घर से निकलीं तो हर आंख नम हो गई।
परिजनों की चीख-पुकार और विलाप से माहौल बेहद भावुक हो गया। बुधवार देर रात हुए इस दर्दनाक हादसे में तीन सगे भाइयों समेत परिवार के छह लोगों की मौत हो गई थी। शुक्रवार को सभी का अंतिम संस्कार बजाखोरी नाला श्मशानघाट में किया गया।
जब एक साथ छह चिताओं को अग्नि दी गई तो वहां मौजूद लोग अपने आंसू नहीं रोक सके। श्मशानघाट में चारों ओर मातम पसरा रहा और हर व्यक्ति इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध नजर आया।
अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और क्षेत्र के गणमान्य लोग शामिल हुए। सभी ने दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार इतना दर्दनाक और हृदयविदारक दृश्य देखा है।
अमेरिका से 24 घंटे में पहुंची पोती
हादसे की खबर मिलते ही मृतक देवी सिंह की पोती अमेरिका से भारत के लिए रवाना हो गई। अमेरिका से दिल्ली और फिर सड़क मार्ग से चंबा पहुंचकर वह करीब 24 घंटे के भीतर अपने दादा की अंतिम विदाई में शामिल हुई।
उसकी मौजूदगी ने अंतिम संस्कार के दौरान माहौल को और भी भावुक कर दिया। वहीं, मृतक चुन्नी लाल का बेटा अनूप कुमार भी सूचना मिलते ही घर पहुंच गया। अंतिम संस्कार के दौरान मुखाग्नि अनूप के भाई पवन कुमार ने दी।
मृतक मोती राम, देवी सिंह और चुन्नी लाल के सेना में सेवारत भाई कर्मचंद भी अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे। चुन्नी लाल का बेटा अनूप भी भारतीय सेना में कार्यरत है। परिजनों ने उसके पहुंचने का इंतजार किया, जिसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।
गांव में पसरा मातम
एक ही परिवार के छह सदस्यों की असामयिक मौत से मेहल गांव में शोक की लहर है। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और लोग अभी भी इस हादसे के सदमे से उबर नहीं पाए हैं। ग्रामीणों ने दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की कामना की।