शिमला।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार सुपर-स्पेशियलिटी चिकित्सकों को नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए) प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विशेषज्ञ चिकित्सकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना और स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ सेवाओं को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में चल रही विभिन्न योजनाओं, भर्ती प्रक्रियाओं और आधारभूत ढांचे के विस्तार की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है और स्वास्थ्य क्षेत्र के विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि बीते साढ़े तीन वर्षों के दौरान स्वास्थ्य अवसंरचना और चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सुधारों को लेकर सरकार चिकित्सकों और विशेषज्ञों के साथ लगातार संवाद कर रही है। आने वाले महीनों में वह स्वयं विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का दौरा करेंगे और चिकित्सकों से सुझाव लेकर स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण की नई रूपरेखा तैयार करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों को पर्याप्त स्टाफ और आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करवाकर उन्हें देश के अग्रणी संस्थानों के स्तर तक विकसित किया जा रहा है।
इसके लिए सरकार आधुनिक मशीनरी और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद पर लगभग 3,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज नहीं हैं, वहां के क्षेत्रीय और जोनल अस्पतालों की सुविधाओं को भी चरणबद्ध तरीके से उन्नत किया जा रहा है, ताकि मरीजों को बेहतर उपचार के लिए दूसरे जिलों या राज्यों में न जाना पड़े।
भर्ती प्रक्रिया पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और तकनीशियनों की कमी को दूर करने के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी है। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़े।
उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से पहली बार हिमाचल प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। पहले इस तरह की उन्नत चिकित्सा सुविधा के लिए मरीजों को प्रदेश से बाहर जाना पड़ता था और भारी खर्च वहन करना पड़ता था।
जनसंख्या के आधार पर होगा सीएचसी का वर्गीकरण
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) का वर्गीकरण जनसंख्या के आधार पर किया जाए। इससे वास्तविक आवश्यकता के अनुसार स्टाफ, उपकरण और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकेंगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य लोगों को उनके घरों के निकट ही बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, महाधिवक्ता अनूप रतन, विशेष सचिव डॉ.
अश्विनी कुमार शर्मा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक प्रदीप ठाकुर, हिमाचल प्रदेश मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक दिव्यांशु सिंगल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।