धर्मशाला।
जिला मुख्यालय धर्मशाला में वीरवार को भाजपा के शहरी और ग्रामीण मंडलों ने एकजुट होकर प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ हल्ला बोला। सक्रिय कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने कचहरी अड्डा में प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। इस दौरान धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे और सरकार पर तीखे हमले किए।
मीडिया से बातचीत करते हुए सुधीर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के लिए 'दमनकारी नीति' अपना रही है।
आज प्रदेश में जो भी अपनी आवाज उठाता है, उस पर झूठी एफआईआर दर्ज कर दी जाती है। यहां तक कि विधायकों को भी नहीं बख्शा जा रहा। पुलिस प्रशासन को जनसेवा के बजाय विरोधियों को प्रताड़ित करने के काम में लगा दिया गया है।
सुधीर शर्मा ने सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में वित्तीय हालात बदतर हो चुके हैं। कर्मचारियों को समय पर वेतन और पेंशनर्स को पेंशन नहीं मिल पा रही है। रोजगार न मिलने के कारण हिमाचल का युवा बाहरी राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर है। बेरोजगार सड़कों पर उतरकर अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।
हाल ही में थुरल (कांगड़ा) में हुए खूनी संघर्ष और गोलीबारी पर प्रतिक्रिया देते हुए सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने ड्रग माफिया को प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या बताया और आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण के बिना नशा माफिया इतना नहीं पनप सकता। सरकार इस पर नकेल कसने में पूरी तरह नाकाम रही है।
ATS (Automated Testing Station) के विरोध को लेकर विधायक ने गंभीर सवाल उठाए।"यदि एटीएस केंद्र का प्रोजेक्ट है, तो बाकी राज्यों ने इसे क्यों नहीं अपनाया? प्रदेश सरकार ने इसे इतनी जल्दबाजी में केवल एक ही जगह क्यों लागू कर दिया?"
सुधीर शर्मा ने सनसनीखेज दावा किया कि टैक्सी ऑपरेटर्स के खिलाफ जिस व्यक्ति के नाम पर एफआईआर दर्ज की गई है, उसे खुद पता नहीं है कि उसने कोई शिकायत की है। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर पुलिस द्वारा 'फर्जी एफआईआर' का मामला है और इस पर पुलिस प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।