ऊना
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ऊना में भाजपा पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्हें 'हिमाचल विरोधी' करार दिया और आपदा राहत राशि रोकने का गंभीर आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि भाजपा नेता प्रधानमंत्री से हिमाचल के हक के 1500 करोड़ रुपये दिलाने में मदद क्यों नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर तंज कसते हुए कहा कि वे अपनी कुर्सी बचाने के दबाव में जनहित के मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि प्रदेश का कोई भी भाजपा विधायक केंद्र से राहत राशि दिलाने के लिए आवाज उठाने को तैयार नहीं है।
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर सोशल मीडिया सेल के माध्यम से दुष्प्रचार करने और मंत्रियों व विधायकों के चरित्र हनन का बड़ा आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जिला कार्यालयों में ऐसे केंद्र स्थापित किए हैं जिनका काम विकास की चर्चा करने के बजाय केवल सरकार की छवि धूमिल करना है।
सुक्खू ने पिछली भाजपा सरकार को आर्थिक बदहाली के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि प्रदेश पर आज 1 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है, जिसमें से 60,000 करोड़ का बोझ पूर्ववर्ती सरकार की देन है। उन्होंने 1000 करोड़ रुपये की फिजूलखर्ची और अनुपयोगी भवनों के निर्माण पर भी पिछली सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि व्यवस्था सुधारने और कर्ज कम करने में समय लगेगा, लेकिन सरकार सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं ताकि मरीजों को गंभीर बीमारियों की जांच के लिए चंडीगढ़ न जाना पड़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य हिमाचल को एक सशक्त और स्वावलंबी राज्य बनाना है, जिसके लिए सरकार कड़े फैसले लेने से भी पीछे नहीं हटेगी।