स्टाफ के रिक्त पद भरने को सरकार ने दी मंजूरी, एक साल बाद दोबारा शुरू हुई ओपन हार्ट सर्जरी; तीन मरीजों के सफल ऑपरेशन
अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी (एआईएमएसएस) चमियाना में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए दो नए सुपर स्पेशियलिटी विभाग क्रिटिकल केयर और जीआई सर्जरी सृजित किए गए हैं।
खास बात यह है कि ये दोनों विभाग अभी आईजीएमसी में भी उपलब्ध नहीं हैं। क्रिटिकल केयर विभाग में वेंटिलेटर और आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों का उपचार किया जाएगा, जबकि जीआई सर्जरी विभाग में पेट और पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों के ऑपरेशन की सुविधा मिलेगी। इन विभागों के शुरू होने से मरीजों को उपचार के लिए दूसरे संस्थानों पर निर्भरता कम होगी।
शुक्रवार को संस्थान में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रिंसिपल डॉ. बृज शर्मा और एमएस डॉ. सुधीर शर्मा ने बताया कि सरकार ने सुरक्षा कर्मियों, वार्ड अटेंडेंट, सफाई कर्मचारियों, डाइटिशियन, फिजियोथेरेपिस्ट, चीफ फार्मासिस्ट, सीएसडी सुपरवाइजर और ड्राइवर सहित अन्य पदों को मंजूरी दी है।
इसके अलावा कर्मचारियों की आवाजाही के लिए दो बसें भी उपलब्ध करवाई गई हैं। अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी के लिए 90 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जो निजी अस्पतालों की तुलना में काफी कम है।
क्रिटिकल केयर विभाग में उन मरीजों को लाभ मिलेगा, जिनकी जान को तत्काल खतरा होता है और जिनके शरीर के एक या अधिक अंगों के काम करने में गंभीर परेशानी आती है। इनमें सांस लेने में गंभीर तकलीफ, किडनी का अचानक काम करना बंद करना, गंभीर संक्रमण, ब्लड प्रेशर का खतरनाक स्तर तक गिरना,
हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर, दिल की धड़कन अनियंत्रित होना, ब्रेन स्ट्रोक, सिर की चोट और ब्रेन हैमरेज के मरीज शामिल हैं।
वहीं, जीआई सर्जरी विभाग में भोजन नली, पेट, छोटी और बड़ी आंत, लिवर, पित्ताशय और पैंक्रियाज से जुड़ी बीमारियों का ऑपरेशन के जरिए उपचार किया जाएगा। इस विभाग से पेट, आंत, कोलन, लिवर, पैंक्रियाज और भोजन नली के कैंसर या ट्यूमर से पीड़ित मरीजों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा पित्ताशय की पथरी और गंभीर हर्निया जैसी समस्याओं के ऑपरेशन की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
सीटीवीएस विभाग में भी जल्द शुरू हो सकती है रोबोटिक सर्जरी
चमियाना के सीटीवीएस विभाग में भी जल्द रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए रोबोटिक सिस्टम में अतिरिक्त आर्म उपलब्ध करवाने की मांग की गई है। मुख्यमंत्री के समक्ष भी यह मामला उठाया गया है। मंजूरी मिलने के बाद विभाग में रोबोटिक तकनीक से सर्जरी शुरू करने का रास्ता साफ हो सकता है।
एक साल बाद दोबारा शुरू हुई ओपन हार्ट सर्जरी
संस्थान में करीब एक साल से बंद पड़ी ओपन हार्ट सर्जरी की सुविधा अक्टूबर में दोबारा शुरू कर दी गई है। सीटीवीएस विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर ने बताया कि अब तक तीन मरीजों के सफल ऑपरेशन किए जा चुके हैं।
पहला ऑपरेशन छह अक्टूबर को कुल्लू निवासी मरीज का हुआ। दूसरा ऑपरेशन 27 अक्टूबर को 45 वर्षीय अमन गीसेदा का किया गया, जिन्हें दो बार कार्डियक फेलियर हो चुका था। तीसरा ऑपरेशन 30 अक्टूबर को किया गया।
मरीज के दिल में छेद था और एक वाल्व लीक कर रहा था। ऑपरेशन के दौरान दिल का छेद बंद करने के साथ वाल्व भी बदला गया। तीनों ऑपरेशन सीटीवीएस और कार्डियक एनेस्थीसिया विभाग की संयुक्त टीम ने किए।
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