चम्बा।
हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले के युवाओं ने एक बार फिर खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। सिहुंता क्षेत्र के छोटे से गाँव जोलना के 21 वर्षीय युवा पहलवान अरफान ने राष्ट्रीय स्तर की 'खेलो इंडिया' कुश्ती प्रतियोगिता में रजत पदक (Silver Medal) जीतकर न केवल अपने जिले, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है।
आर्थिक तंगी भी नहीं रोक सकी कदम
अरफान की यह सफलता इसलिए भी विशेष है क्योंकि वह एक बेहद साधारण और मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता, मुहम्मद आलम, आर्थिक तंगी के बावजूद अपने बेटे के खेल के प्रति जुनून के आड़े कभी नहीं आए। सीमित संसाधनों के बीच अरफान ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मोरठु स्कूल से और स्नातक धर्मशाला कॉलेज से पूरी की।
अखाड़े की मिट्टी से 'खेलो इंडिया' के मैट तक
अरफान ने कुश्ती की बारीकियां गुरु अर्जुन देव अखाड़ा में अपने उस्ताद पाना पहलवान की देखरेख में सीखी हैं। उन्होंने 77 किलोग्राम भार वर्ग में देश भर के दिग्गज पहलवानों को चुनौती देते हुए यह मुकाम हासिल किया।
यह अरफान की पहली सफलता नहीं है। इससे पहले वे ऊना और दिल्ली में आयोजित प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक तथा छत्तीसगढ़ में रजत पदक जीतकर अपनी काबिलियत का परिचय दे चुके हैं।
गरीबी सफलता की राह में बाधा नहीं
अपनी जीत पर खुशी जाहिर करते हुए अरफान ने कहा अगर इरादे मजबूत हों और लक्ष्य साफ हो, तो गरीबी कभी भी सफलता के आड़े नहीं आती। मेरा एकमात्र सपना अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा लहराना और देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना है।
सिहुंता में जश्न का माहौल
अरफान की इस उपलब्धि से पूरे चम्बा जिले, विशेषकर सिहुंता क्षेत्र में हर्ष की लहर है। स्थानीय खेल प्रेमियों और ग्रामीणों का कहना है कि अरफान की मेहनत ने यह साबित कर दिया है कि हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन की आवश्यकता है।