शूलिनी यूनिवर्सिटी सुसाइड केस: छात्रों के आक्रोश के आगे झुका प्रशासन, विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ 'आत्महत्या के लिए उकसाने' का मामला दर्ज

शूलिनी यूनिवर्सिटी सुसाइड केस: छात्रों के आक्रोश के आगे झुका प्रशासन, विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ 'आत्महत्या के लिए उकसाने' का मामला दर्ज
शूलिनी यूनिवर्सिटी सुसाइड केस: छात्रों के आक्रोश के आगे झुका प्रशासन, विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ 'आत्महत्या के लिए उकसाने' का मामला दर्ज

Published:

सोलन।

हिमाचल प्रदेश के सोलन स्थित शूलिनी विश्वविद्यालय के एक पूर्व छात्र की आत्महत्या के मामले ने अब एक बड़ा कानूनी और राजनीतिक रूप ले लिया है। विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के उग्र प्रदर्शन और गंभीर आरोपों के बाद, सोलन पुलिस ने विश्वविद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment to Suicide) की धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।

घटना का बैकग्राउंड

बीते 28 मार्च को रोहड़ू निवासी 21 वर्षीय नितिन का शव सोलन की मधुबन कॉलोनी में उसके कमरे में फंदे से लटका मिला था। नितिन शूलिनी विश्वविद्यालय का पूर्व छात्र था और वर्तमान में विश्वविद्यालय द्वारा करवाई गई एक प्लेसमेंट के तहत वहीं कार्यरत था। मौके से बरामद सुसाइड नोट में उसने अपनी जीवनलीला समाप्त करने की बात कही थी।

छात्रों का भारी विरोध और संगीन आरोप

नितिन की मौत की खबर फैलते ही विश्वविद्यालय के छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में छात्रों ने कैंपस में एकत्र होकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए।

छात्रों का दावा है कि प्लेसमेंट के समय जिस भारी-भरकम पैकेज का वादा किया गया था, वास्तविकता में नितिन को उससे बहुत कम वेतन दिया जा रहा था। आरोप है कि '100% प्लेसमेंट' के विज्ञापनों के पीछे छात्रों का मानसिक शोषण किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, नितिन ने अपनी आर्थिक तंगी और तनाव के बारे में प्रबंधन को सूचित किया था, लेकिन उसे कोई सहयोग नहीं मिला।

पुलिस की कार्रवाई और FIR

शुरुआत में पुलिस इस मामले को धारा 194 BNSS के तहत देख रही थी, लेकिन छात्रों के बयान और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

छात्रों के प्रदर्शन और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। हम प्लेसमेंट रिकॉर्ड, वेतन पर्चियां और मृतक के मोबाइल डेटा की गहनता से जांच कर रहे हैं। कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।— पुलिस अधीक्षक, सोलन

जांच के दायरे में विश्वविद्यालय प्रशासन

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या प्लेसमेंट के नाम पर छात्रों के साथ कोई धोखाधड़ी हो रही थी या नितिन पर काम का अतिरिक्त दबाव बनाया गया था। साक्ष्यों को फोरेंसिक जांच के लिए SFSL जुन्गा भेजा गया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन से भी इस संबंध में कड़ी पूछताछ की जा रही है।

यूनिवर्सिटी कैंपस में तनाव बरकरार

नितिन की मौत और उसके बाद हुई इस कानूनी कार्रवाई ने प्रदेश के शिक्षा जगत में हड़कंप मचा दिया है। कैंपस में अभी भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं और छात्र संगठन नितिन के परिवार के लिए न्याय और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं।

इस खबर के विषय

संबंधित खबरें

घवांडल पशु चिकित्सालय में पशु जन्म नियंत्रण शिविर, 15 कुत्तों की सफल नसबंदी

घवांडल पशु चिकित्सालय में पशु जन्म नियंत्रण शिविर, 15 कुत्तों की सफल नसबंदी

पशु चिकित्सालय घवांडल में आयोजित पशु जन्म नियंत्रण शिविर में 15 श्वानों की सफल शल्य चिकित्सा की गई। इनमें 7 मादा और 8 नर कुत्ते शामिल रहे। शिविर का उद्देश्य ...

पूरा पढ़ें (Read More) →
करंट लगने से इकलौते बेटे की मौत, दो महीने बाद भी परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा प्रशासन; चार बहनों और बुजुर्ग माता-पिता का था सहारा

करंट लगने से इकलौते बेटे की मौत, दो महीने बाद भी परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा प्रशासन; चार बहनों और बुजुर्ग माता-पिता का था सहारा

बिलासपुर के श्री नयना देवी जी क्षेत्र के भटेड गांव में करंट लगने से जान गंवाने वाले गुरमेल सिंह के परिवार ने प्रशासन पर सुध न लेने का आरोप लगाया है। परिवार क...

पूरा पढ़ें (Read More) →
13 नवंबर को मंडी में CM सुक्खू के नेतृत्व में निकलेगी एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन, तैयारियों में जुटा प्रशासन

13 नवंबर को मंडी में CM सुक्खू के नेतृत्व में निकलेगी एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन, तैयारियों में जुटा प्रशासन

हिमाचल को चिट्टे के नशे से मुक्त बनाने के उद्देश्य से 13 नवंबर को मंडी में एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू...

पूरा पढ़ें (Read More) →
बीबीएमबी मामले पर विक्रमादित्य सिंह बोले- वीरभद्र सिंह ने शुरू की थी हिमाचल के हक की लड़ाई, चंडीगढ़ में भी जारी रहेगी हिस्सेदारी की मांग

बीबीएमबी मामले पर विक्रमादित्य सिंह बोले- वीरभद्र सिंह ने शुरू की थी हिमाचल के हक की लड़ाई, चंडीगढ़ में भी जारी रहेगी हिस्सेदारी की मांग

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बीबीएमबी में हिमाचल की हिस्सेदारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इस कानूनी लड़ाई क...

पूरा पढ़ें (Read More) →
BBMB मामले में हिमाचल को बड़ी जीत, हर साल 600 से 1000 करोड़ रुपये का होगा फायदा: हर्षवर्धन चौहान

BBMB मामले में हिमाचल को बड़ी जीत, हर साल 600 से 1000 करोड़ रुपये का होगा फायदा: हर्षवर्धन चौहान

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने BBMB मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हिमाचल की बड़ी जीत बताया है। उनके अनुसार प्रदेश को 11,975 मिलियन यूनिट बिजली की बका...

पूरा पढ़ें (Read More) →

इससे पहले और बाद की खबरें