धर्मशाला।
पिछले कुछ दिनों से कांगड़ा जिले में घरेलू गैस और पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर चल रही चर्चाओं पर पूर्ण विराम लगाते हुए उपायुक्त कांगड़ा, हेमराज बैरवा ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है।
डीसी ने कड़े शब्दों में कहा कि जिले में ईंधन या गैस की कोई कमी नहीं है और लोग अफवाहों के आधार पर 'पैनिक बुकिंग' न करें। उन्होंने चेतावनी दी कि भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाएगा।
आंकड़ों ने खोली 'पैनिक बुकिंग' की पोल
डीसी हेमराज बैरवा ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि पिछले कुछ दिनों में गैस सिलेंडरों की बुकिंग में अचानक कृत्रिम उछाल देखा गया है, जो वास्तविक जरूरत नहीं बल्कि डर का परिणाम है।
जिले में औसतन प्रतिदिन 7,500 सिलेंडरों की बुकिंग होती है। अफवाहों के चलते यह आंकड़ा बढ़कर 9,500 से 10,000 तक पहुँच गया है। उपायुक्त ने कहा कि जरूरत से ज्यादा बुकिंग करने से सप्लाई चेन पर अनावश्यक दबाव पड़ता है, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों को परेशानी हो सकती है।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि न तो केंद्र और न ही प्रदेश सरकार की ओर से ऐसी कोई सूचना है जो ईंधन की कमी का संकेत देती हो।
जिले की सभी गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर सप्लाई पूरी तरह सुचारू है। किसी भी प्रकार की राशनिंग या घबराहट की कोई आवश्यकता नहीं है। नागरिक अपनी दैनिक जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी करें। — हेमराज बैरवा, उपायुक्त कांगड़ा
अफवाह फैलाने वालों पर होगी 'सर्जिकल स्ट्राइक'
प्रशासन ने उन तत्वों को भी कड़ी चेतावनी दी है जो सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से ईंधन की कमी की झूठी खबरें फैलाकर जिले में भय का माहौल बना रहे हैं। डीसी ने कहा कि संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे व्यक्तियों या समूहों की पहचान करें।
यदि कोई कृत्रिम कमी (Artificial Scarcity) पैदा करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिम्मेदार नागरिक बनें, प्रशासन का सहयोग करें
डीसी कांगड़ा ने जनता से भावुक न होने और तर्कसंगत व्यवहार करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार तेल कंपनियों और गैस वितरकों के संपर्क में है और स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है। उन्होंने जनता से अनुरोध किया कि वे भ्रामक संदेशों को आगे न बढ़ाएं और जिले की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में मदद करें।