शिमला।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को विधानसभा में विपक्ष के आरोपों और सीमा पर जारी तनाव के बीच सरकार की स्थिति स्पष्ट की। मुख्यमंत्री ने एंट्री टैक्स विवाद, पंचायत चुनाव रोस्टर और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच जारी खींचतान पर खुलकर अपनी बात रखी।
उन्होंने विपक्ष को 'गुटों में बंटा हुआ दल' करार देते हुए जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
बॉर्डर पर पंजाब की जत्थेबंदियों द्वारा किए जा रहे विरोध पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ श्रेणियों को लेकर अनावश्यक भ्रम (Confusion) पैदा किया जा रहा है। सीएम ने स्पष्ट किया कि 5-सीटर गाड़ियों का टैक्स ₹70 से बढ़ाकर ₹100 किया गया है, जबकि 6-सीटर का टैक्स ₹130 से घटाकर ₹100 कर दिया गया है।
अन्य किसी श्रेणी में कोई बदलाव नहीं है। NHAI के नियमों के तहत दोनों श्रेणियों पर समान टोल लिया जाता है, इसलिए राज्य सरकार ने भी विसंगति दूर करने के लिए दोनों को एक समान कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा, "पंजाब और हरियाणा हमारे भाई हैं। बॉर्डर पर विरोध करना सही नहीं है। मैं इस संबंध में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से व्यक्तिगत रूप से बात करूँगा।"
विधानसभा में भाजपा के वॉकआउट और नियम-67 के तहत चर्चा की मांग पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के भीतर ही कई गुट सक्रिय हैं। सुक्खू ने कहा कि उपायुक्तों को रोस्टर में 5% बदलाव की शक्ति इसलिए दी गई है ताकि स्थानीय स्तर पर जरूरत पड़ने पर संशोधन किया जा सके।
इसमें कुछ भी असंवैधानिक नहीं है। मुख्यमंत्री ने आधिकारिक घोषणा की कि सरकार 31 मई से पहले हर हाल में पंचायत चुनाव संपन्न करवाएगी।
कार्यकारी मुख्य सचिव संजय गुप्ता द्वारा पूर्व मुख्य सचिवों पर लगाए गए आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कड़ा संज्ञान लिया है। सीएम ने स्पष्ट किया कि तीनों वरिष्ठ अधिकारियों को उनका पूर्ण संरक्षण प्राप्त है।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति अधिकारियों की 'आपसी लड़ाई' का परिणाम है। मुख्यमंत्री इस विषय पर स्वयं अधिकारियों से बात करेंगे और यदि कहीं कुछ गलत पाया गया, तो उसकी निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी।