हमीरपुर।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधारों का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। जिला मुख्यालय स्थित शहीद कैप्टन मृदुल शर्मा मेमोरियल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (Model School), हमीरपुर में बुधवार से सीबीएसई (CBSE) पाठ्यक्रम के तहत प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है।
स्कूल के सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध होने के बाद पहली बार हो रहे इन दाखिलों को लेकर छात्रों और अभिभावकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के पहले ही दिन स्कूल परिसर में सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं। अभिभावक अपने बच्चों का भविष्य संवारने के लिए सीबीएसई विंग में दाखिला दिलाने हेतु उत्साहित दिखे। स्कूल प्रबंधन के अनुसार, सीबीएसई द्वारा इस स्कूल के लिए सातवीं कक्षा से लेकर जमा दो (12वीं) तक कुल 1140 सीटें आवंटित की गई हैं।
स्कूल के प्रधानाचार्य मुश्ताक मुहम्मद ने बताया कि दाखिला प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शिता के साथ 'पहले आओ-पहले पाओ' (First Come, First Serve) की तर्ज पर चलाई जा रही है।
प्रवेश प्रक्रिया 15 अप्रैल तक जारी रहेगी। सातवीं से बारहवीं कक्षा तक के लिए कुल 1140 सीटें उपलब्ध हैं। प्रधानाचार्य ने कहा कि पहले ही दिन जिस तरह की भीड़ जुटी है, उससे लग रहा है कि आवंटित सीटें समय से पहले ही भर सकती हैं।
एचपी बोर्ड (HPBOSE) से सीबीएसई में शिफ्ट होने वाले छात्रों के चेहरों पर अलग ही खुशी देखने को मिली। दाखिला लेने पहुँचे छात्रों ने कहा कि वे लंबे समय से इस बदलाव का इंतजार कर रहे थे।
सीबीएसई पाठ्यक्रम से पढ़ाई करने के बाद राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे NEET, JEE) की तैयारी करना आसान होगा। हम मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने सरकारी स्कूल में विश्वस्तरीय शिक्षा का विकल्प प्रदान किया।— दाखिला लेने आए छात्र
अभिभावकों का मानना है कि सरकारी स्कूल में सीबीएसई बोर्ड की सुविधा मिलने से अब गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चे भी बिना भारी-भरकम फीस दिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इससे न केवल बच्चों का भविष्य उज्जवल होगा, बल्कि सरकारी स्कूलों के प्रति जनता का विश्वास भी बढ़ेगा।