दुकानदारों और ग्रामीणों ने जिलाधीश बिलासपुर को सौंपा ज्ञापन, दो दिन में समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
फोरलेन निर्माण कार्य के कारण ब्रह्मपुखर से विनायक घाट तक सड़क की खराब स्थिति और जल निकासी की समस्या को लेकर स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। क्षेत्रवासियों ने जिलाधीश बिलासपुर को ज्ञापन सौंपकर सड़क की मरम्मत और बारिश के पानी की निकासी के लिए स्थायी व्यवस्था करने की मांग उठाई।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि फोरलेन निर्माण के चलते सड़क कई जगह से टूट चुकी है और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इससे रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क की खराब हालत के कारण दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा खतरास्थानीय लोगों का आरोप है कि फोरलेन निर्माण के दौरान कई जगहों पर जल निकासी के रास्ते और नालियां बंद कर दी गई हैं। इसके कारण बरसात का पानी सड़क पर जमा हो जाता है और आसपास के खेतों व मकानों में घ बना हुआ है।
नालियां बंद होने से बढ़ी जलभराव की समस्या
स्थानीय लोगों का आरोप है कि फोरलेन निर्माण के दौरान कई जगहों पर जल निकासी के रास्ते और नालियां बंद कर दी गई हैं। इसके कारण बरसात का पानी सड़क पर जमा हो जाता है और आसपास के खेतों व मकानों में घुसने का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने कहा कि बारिश के दिनों में सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जलभराव के कारण किसानों की फसलों और स्थानीय लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी रहती है।
दो दिन में समाधान की मांग
दुकानदारों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी को तत्काल निर्देश दिए जाएं कि दो दिनों के भीतर सड़क के गड्ढों को भरा जाए, क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत की जाए और जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से फोरलेन निर्माण कार्य का विरोध करने को मजबूर होंगे। लोगों ने कहा कि इसकी जिम्मेदारी संबंधित निर्माण कंपनी और प्रशासन की होगी।
follow us on facebook
subscribe to us on youtube