मंडी
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए आगामी पंचायत चुनावों को सत्ता परिवर्तन का 'सेमीफाइनल' करार दिया है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह देश के तीन राज्यों में जनता ने कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को नकारा है, वही स्थिति हिमाचल में भी दोहराई जाएगी। जमवाल ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अब राहुल गांधी की तरह भाजपा के लिए “स्टार प्रचारक” साबित हो रहे हैं, क्योंकि वे जहां भी प्रचार करने जाते हैं, वहां कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो जाता है।
कांग्रेस द्वारा ईवीएम (EVM) पर उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार करते हुए जमवाल ने पूछा कि यदि कांग्रेस को मशीन पर इतना ही संदेह है, तो क्या हिमाचल प्रदेश में उनकी वर्तमान सरकार भी EVM हैक करके बनी थी? उन्होंने कहा कि हार के बाद बहाने बनाना कांग्रेस की पुरानी आदत है। यह केवल अपनी विफलताओं को छिपाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने की एक नाकाम कोशिश है।
"लोकतंत्र से भाग रही है सुक्खू सरकार"
विधायक राकेश जमवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार पंचायत चुनावों का सामना करने से डर रही थी, इसलिए मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाकर प्रक्रिया को बाधित किया गया।
उन्होंने कहा, "सरकार ने आपदा का बहाना बनाकर चुनाव टालने की कोशिश की, जबकि उस समय स्कूल और आंगनबाड़ी जैसे सरकारी संस्थान सामान्य रूप से चल रहे थे। पंचायतों का फंड वापस लेना और विधायक निधि रोकना इस बात का प्रमाण है कि यह सरकार ग्रामीण विकास विरोधी है।"
विफल गारंटियों पर घेरा: "125 यूनिट फ्री बिजली भी छीनी"
कांग्रेस की 10 गारंटियों पर निशाना साधते हुए जमवाल ने कहा कि प्रदेश की जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। 300 यूनिट मुफ्त बिजली तो दूर, पूर्व भाजपा सरकार द्वारा दी जा रही 125 यूनिट मुफ्त बिजली को भी छीन लिया गया।
गांवों में अब पानी के बिल भेजे जा रहे हैं। महिलाओं को 1500 रुपये देने का वादा केवल चुनावी जुमला बनकर रह गया है। ऊपर से एचआरटीसी (HRTC) बसों में मिलने वाली रियायतों को भी बंद किया जा रहा है। दूध उत्पादकों को भुगतान नहीं मिल रहा और 'हिमकेयर' जैसी जनकल्याणकारी योजना को बंद कर सरकार ने गरीबों को इलाज के लिए जेवर बेचने पर मजबूर कर दिया है।
15 महीने बाद 'फाइनल' की तैयारी
राकेश जमवाल ने कहा कि आपदा राहत में भारी अनियमितताएं हुई हैं और सरकार ने केवल अपने चहेतों के घर भरे हैं, जबकि किसान और आम जनता आज भी बदहाल है। उन्होंने दावा किया कि पंचायत चुनाव के नतीजे कांग्रेस की विदाई की पटकथा लिखेंगे।
आने वाले 15 महीनों में होने वाले 'फाइनल' (विधानसभा चुनाव) में प्रदेश की जनता इस झूठ और वादाखिलाफी वाली सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी।