नाहन (सिरमौर)
हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के संगड़ाह में चूना पत्थर खदान से आए मलबे ने एक बार फिर बड़ा कहर बरपाया है। संगड़ाह मुख्यालय से महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित 'वालिया लाइमस्टोन खदान' से बारिश के बाद अचानक आए भारी मलबे की चपेट में एक कार और एक मोटरसाइकिल आ गए।
गनीमत यह रही कि मलबे की गड़गड़ाहट सुनते ही वाहन सवारों ने फुर्ती दिखाते हुए छलांग लगा दी, जिससे उनकी जान तो बच गई, लेकिन दोनों वाहन पूरी तरह मलबे में दफन होकर क्षतिग्रस्त हो गए।
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। निवासियों का आरोप है कि खदान संचालक द्वारा हजारों मीट्रिक टन मलबे को 'संगड़ाह-रेणुका-नाहन' मुख्य सड़क के ठीक ऊपर असुरक्षित तरीके से डंप किया जा रहा है।
लोगों का कहना है कि यह डंपिंग पूरी तरह अवैध है और बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग इस पर आंखें मूंदे बैठा है।
बारिश के समय 'मौत का सफर' बनी सड़क
सड़क किनारे जमा किया गया यह मलबा हर बारिश में आपदा को न्योता देता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जैसे ही तेज बरसात होती है, पहाड़ी पर जमा ढीला मलबा पानी के साथ सीधे सड़क पर बहकर आ जाता है।
इससे न केवल यातायात घंटों बाधित रहता है, बल्कि इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों की जान पर भी हर समय खतरा मंडराता रहता है। पहले भी इस चिन्हित स्थान पर कई वाहन मलबे की चपेट में आ चुके हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि अवैध डंपिंग पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई और इस मलबे को वैज्ञानिक तरीके से हटाया नहीं गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
लोगों की मांग है कि खदान मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा दीवार या मलबे के स्थायी निस्तारण का प्रबंध किया जाए ताकि भविष्य में किसी बड़े जानी नुकसान को टाला जा सके।