बिलासपुर
हिमाचल प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी एचपी शिवा परियोजना धरातल पर रंग ला रही है। जिला बिलासपुर के झंडूता ब्लॉक स्थित बरठीं के टिहरी क्लस्टर में इन दिनों लगभग 100 बीघा भूमि पर अनार की बंपर फसल लहलहा रही है। क्लस्टर के लाभार्थी किसान अनार तुड़ाई कर इसे बाजार भेजने की तैयारी में जुटे हैं और अब तक करीब 5 मीट्रिक टन अनार अच्छे दामों पर बेचा जा चुका है।
2021 में हुई थी शुरुआत, अब 8555 पौधे दे रहे फल
वर्ष 2021 में फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन (एफएलडी) के तहत टिहरी-1 व टिहरी-2 में 2 हेक्टेयर क्षेत्र से इसकी शुरुआत हुई थी। वर्ष 2022 में इसे विस्तार देते हुए 9 हेक्टेयर (लगभग 100 बीघा) में 45 किसानों को जोड़कर क्लस्टर बनाया गया। इसमें भगवा प्रजाति के 8555 पौधे रोपित किए गए।
गत वर्ष 32 मीट्रिक टन अनार के उत्पादन से किसानों को लगभग 16 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई थी, जबकि इस वर्ष 70 मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस हुआ क्लस्टर
लाभार्थी किसान प्रेम लाल नड्डा और राजेन्द्र पाल ने बताया कि शिवा परियोजना और बागवानी विभाग के सहयोग से क्लस्टर में भूमि सुधार, सोलर बाड़बंदी, ड्रिप सिंचाई और उठाऊ सिंचाई योजना जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं।
सरकार द्वारा करीब 3 से 4 करोड़ रुपये व्यय कर सिंचाई की बेहतर व्यवस्था की गई है, जिससे पौधों को खाद और स्प्रे देने में सहूलियत हो रही है। किसानों का कहना है कि युवा पीढ़ी यदि बागवानी से जुड़े तो घर बैठे ही बेहतर रोजगार पा सकती है।
आगामी योजनाओं में नए फलों के क्लस्टर
बिलासपुर में विस्तार: उपनिदेशक बागवानी डॉ. जगदीश चंद वर्मा ने बताया कि बिलासपुर के 357 हेक्टेयर में अमरूद, स्वीट ऑरेंज, लीची व जापानी फल के क्लस्टर स्थापित किए जा चुके हैं। दूसरे चरण में ब्लूबेरी, एवोकाडो, मैकाडामिया नट और ड्रैगन फ्रूट के क्लस्टर भी बनाए जाएंगे।
बजट का प्रावधान: प्रदेश में सुक्खू सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान एचपी शिवा परियोजना के तहत 325 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे 7 जिलों के 52 विकास खंडों को लाभ मिल रहा है।
उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि इस परियोजना से जिले के किसान आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहे हैं और प्रशासन ज्यादा से ज्यादा लोगों को योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।