नगरोटा बगवां में बिगड़ती व्यवस्थाओं को लेकर पूर्व विधायक अरुण मेहरा का सरकार पर हमला, बोले- जनता परेशान और सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित

नगरोटा बगवां में बिगड़ती व्यवस्थाओं को लेकर पूर्व विधायक अरुण मेहरा का सरकार पर हमला, बोले- जनता परेशान और सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित
नगरोटा बगवां में बिगड़ती व्यवस्थाओं को लेकर पूर्व विधायक अरुण मेहरा का सरकार पर हमला, बोले- जनता परेशान और सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित

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कानून-व्यवस्था, रोजगार, पेयजल, स्वास्थ्य और विकास कार्यों को लेकर उठाए सवाल, भाजपा ने दी जनआंदोलन की चेतावनी

नगरोटा बगवां के पूर्व विधायक अरुण मेहरा ‘कूका’ ने प्रदेश सरकार, स्थानीय प्रशासन और स्थानीय विधायक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर सरकार पर हमला बोला है।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अरुण मेहरा ने कहा कि नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और विकास कार्यों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय सरकार केवल घोषणाओं और प्रचार तक सीमित रह गई है।

इस अवसर पर भाजपा मंडल नगरोटा बगवां अध्यक्ष सोनू चौधरी और भाजपा मंडल बड़ोह अध्यक्ष अजीत राणा सहित कई भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

चोरी की घटनाओं पर उठाए सवाल

अरुण मेहरा ने कहा कि पिछले करीब दो महीनों से नगरोटा बगवां क्षेत्र में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। आए दिन चोरी, चोरों के भागने या पकड़े जाने की खबरें सामने आ रही हैं, लेकिन पुलिस लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम करने में सफल नहीं हो पाई है।

उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी चिंताजनक हो चुकी है कि कई गांवों में लोग रात के समय स्वयं ठीकरी पहरा देने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि जब आम जनता को अपनी सुरक्षा खुद करनी पड़े तो यह सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

पूर्व विधायक ने कहा कि किसी भी सरकार की पहली जिम्मेदारी नागरिकों के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है और इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

महिलाओं को 1500 रुपये देने की गारंटी पर घेरा

अरुण मेहरा ने कांग्रेस सरकार की चुनावी गारंटियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को हर महीने ₹1500 देने का वादा कांग्रेस की प्रमुख गारंटियों में शामिल था।

उन्होंने दावा किया कि नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र में करीब 30 हजार महिलाओं से आवेदन करवाए गए, लेकिन लंबे समय बाद भी पात्र महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं से किए गए वादे पूरे नहीं होना सरकार की कथनी और करनी के अंतर को दिखाता है।

विकास कार्यों में अनियमितताओं की जांच की मांग

पूर्व विधायक ने कहा कि वर्तमान में क्षेत्र में चल रहे अधिकतर बड़े विकास कार्य पर्यटन परियोजनाओं से जुड़े हुए हैं। उन्होंने इन परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए करोड़ों रुपये की कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि यदि परियोजनाओं में पूरी पारदर्शिता है तो सरकार को जांच करवाने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

बनेर खड्ड में प्रदूषण को लेकर चिंता

अरुण मेहरा ने निर्माण कार्यों से निकलने वाले गंदे पानी और प्रदूषित कचरे को बनेर खड्ड में डाले जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा सहित आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।

उन्होंने प्रशासन से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और जिम्मेदार एजेंसियों पर कार्रवाई करने की मांग की।

सरकारी विभागों में रिक्त पदों का मुद्दा उठाया

अरुण मेहरा ने कहा कि नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र के दोनों विकास खंडों सहित पुलिस थाना, जलशक्ति विभाग, स्वास्थ्य विभाग, टांडा मेडिकल कॉलेज और अन्य सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की कमी के कारण लोगों को समय पर सरकारी सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।

उन्होंने विशेष रूप से राजीव गांधी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, नगरोटा बगवां के कंप्यूटर साइंस विभाग में केवल एक प्राध्यापक होने को उच्च शिक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति बताया।

रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरा

पूर्व विधायक ने युवाओं के रोजगार को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार उपलब्ध कराने के अपने वादों को पूरा नहीं कर पाई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को स्थायी और सुरक्षित रोजगार देने के बजाय कॉल सेंटर, सुरक्षा एजेंसियों और आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से कम वेतन वाली नौकरियों की ओर धकेला जा रहा है।

पेयजल समस्या को लेकर जलशक्ति विभाग पर सवाल

अरुण मेहरा ने चंगर क्षेत्र में मटमैले और दूषित पेयजल की समस्या का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि लोग लगातार सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अपनी समस्या उठा रहे हैं, लेकिन जलशक्ति विभाग इसका स्थायी समाधान नहीं कर पाया है।

उन्होंने सरकार से लोगों को स्वच्छ और नियमित पेयजल उपलब्ध करवाने की मांग की।

भाजपा ने दी आंदोलन की चेतावनी

प्रेस वार्ता में भाजपा मंडल पदाधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, महिलाओं की योजनाओं, विकास कार्यों, सरकारी विभागों में रिक्त पदों, रोजगार और पेयजल जैसी समस्याओं को लेकर जनता में नाराजगी है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जनहित के मुद्दों पर जनता के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करती रहेगी।

अंत में अरुण मेहरा ने कहा कि यदि सरकार और स्थानीय विधायक ने जल्द इन समस्याओं का समाधान नहीं किया तो भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन, जनजागरण अभियान और व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी।

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