महिला सुरक्षा, नशे, बेरोजगारी, सड़कों और शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल; छात्रहित में जल्द कदम उठाने की मांग।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने हिमाचल प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा, बढ़ते नशे के कारोबार, बेरोजगारी, खराब सड़कों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है।
परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रहित और जनहित से जुड़े मुद्दों पर जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
वीरवार को बिलासपुर के सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में एबीवीपी के जिला संयोजक देवार्य टाडू ने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन की नीतियों के कारण कानून व्यवस्था कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही है, जबकि युवाओं में नशे की समस्या गंभीर रूप ले रही है।
बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था पर चिंता
देवार्य टाडू ने कहा कि प्रदेश में रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं होने से युवा वर्ग निराश है।
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने प्रदेश की खराब सड़कों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई क्षेत्रों में जर्जर सड़कें आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।
ऊना में हुई प्रदेश कार्यकारिणी बैठक
एबीवीपी जिला संयोजक ने बताया कि 25 और 26 जुलाई को ऊना में परिषद की दो दिवसीय प्रदेश कार्यकारिणी बैठक आयोजित की गई थी।
बैठक में प्रदेशभर से आए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सामाजिक, शैक्षणिक और जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
इस दौरान दो प्रमुख प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें पहला प्रदेश की वर्तमान शैक्षणिक स्थिति और दूसरा प्रदेश की समग्र परिस्थितियों से संबंधित था।
प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
देवार्य टाडू ने कहा कि परिषद ने सरकार को स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि छात्रों और जनता से जुड़े मुद्दों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।
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