ऊना
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के तहत बंगाणा उपमंडल के समीप जंगलों में अचानक भड़की भीषण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। शुष्क मौसम और तेज हवाओं के कारण वनाग्नि की लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि उन्होंने सड़क किनारे खड़ी एक कार को अपनी चपेट में ले लिया।
देखते ही देखते कार आग के शोलों में तब्दील हो गई और पूरी तरह जलकर राख हो गई। गनीमत यह रही कि आग लगने के वक्त कार के भीतर कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान होने से टल गया।
धधकते जंगल से सड़क तक पहुंचीं लपटें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बंगाणा क्षेत्र के एक जंगल में अज्ञात कारणों से आग लग गई थी। चील की सूखी पत्तियों (चील की पत्तियों) और सूखी घास के कारण आग तेजी से रिहायशी इलाकों और मुख्य सड़क की तरफ बढ़ने लगी।
इसी दौरान सड़क के किनारे एक कार पार्क की गई थी। जंगल से उठी ऊंची-ऊंची लपटों ने कार को चारों तरफ से घेर लिया। जब तक स्थानीय लोग कुछ समझ पाते और आग बुझाने का प्रयास करते, तब तक कार पूरी तरह से जल चुकी थी।
दमकल विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू
सड़क किनारे वाहन में लगी आग और जंगल की भयावह स्थिति को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना दमकल विभाग (Fire Department) को दी। सूचना मिलते ही बंगाणा से फायर ब्रिगेड की टीम दलीय बल के साथ मौके पर पहुंची।
दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत करते हुए सबसे पहले कार की आग को शांत किया और उसके बाद वनाग्नि को मुख्य मार्ग व आसपास की अन्य संपत्तियों की तरफ बढ़ने से रोका।
वन संपदा को भारी नुकसान, प्रशासन अलर्ट
इस अग्निकांड में कार मालिक को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है, वहीं दूसरी ओर कई हेक्टेयर में फैली बहुमूल्य वन संपदा भी जलकर नष्ट हो गई है। जंगलों में लगातार बढ़ रही आग की घटनाओं को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और वन विभाग ने अलर्ट जारी किया है।
अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे जंगलों के पास जलती हुई बीड़ी-सिगरेट या कोई भी ज्वलनशील पदार्थ न फेंकें, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का सबब बन सकती है।