हमीरपुर
ओमान तट के समीप अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक व्यापारिक तेल टैंकर पर हुए हमले में हमीरपुर जिला के 24 वर्षीय युवा नाविक आदित्य शर्मा की दर्दनाक मौत पर हमीरपुर के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
सांसद ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। उन्होंने आश्वस्त किया है कि इस दुख की घड़ी में वे और पूरी सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।
विदेश में सेवाएं दे रहे होनहार युवा को खोने का पूरे हिमाचल को दुख
सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हमीरपुर के रहने वाले आदित्य शर्मा ने मर्चेंट नेवी में शामिल होकर बेहद कम उम्र में विदेश में जाकर अपनी बेहतरीन सेवाएं प्रदान की थीं।
उन्होंने कहा कि एक होनहार हिमाचली युवा की इस तरह विदेशी धरती पर जान जाना पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए एक अत्यंत पीड़ादायक और अपूरणीय क्षति है, जिससे आज पूरा प्रदेश स्तब्ध और दुखी है।
विदेश मंत्री से मिलकर पार्थिव शरीर जल्द वापस लाने की मांग
अनुराग सिंह ठाकुर ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने इस मामले को लेकर तुरंत भारत के विदेश मंत्री से संपर्क साधा है। उन्होंने विदेश मंत्रालय (MEA) से पुरजोर मांग की है कि ओमान स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassy) वहां की स्थानीय सरकार और संबंधित शिपिंग कंपनी के साथ इस गंभीर विषय को सर्वोच्च प्राथमिकता पर उठाए।
सांसद ने कहा कि सभी कूटनीतिक और कानूनी औपचारिकताएं जल्द से जल्द पूरी की जाएं ताकि दिवंगत आदित्य शर्मा का पार्थिव शरीर बिना किसी देरी के उनके पैतृक घर हमीरपुर लाया जा सके और परिजन उनका अंतिम संस्कार कर सकें।
हमले के कारणों की विस्तृत जांच के लिए विदेश मंत्रालय सक्रिय
सांसद ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि वे लगातार विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए हुए हैं। वहां पर असल में क्या परिस्थितियां बनीं और यह हमला किस प्रकार हुआ, इसकी पूरी कड़ियों को खंगाला जा रहा है।
भारत सरकार ओमान के अधिकारियों के साथ मिलकर इस पूरी घटना की विस्तृत जांच की मांग कर रही है ताकि मर्चेंट नेवी के जहाजों पर काम करने वाले अन्य भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
हमारा प्रयास है कि ओमान की एंबेसी और वहां की सरकार के साथ भारतीय दूतावास इस विषय को प्रमुखता से उठाए, ताकि आदित्य शर्मा का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाया जा सके। विदेश मंत्रालय से इस बारे में लगातार बातचीत की जा रही है कि वहां पर असल में क्या हुआ था, ताकि पूरी घटना की निष्पक्ष जांच हो सके।