चम्बा
हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के कर्मचारियों और राज्य सरकार के बीच वित्तीय देनदारियों को लेकर टकराव चरम पर पहुंच गया है। अपनी लंबित मांगों को लेकर चम्बा के नए बस अड्डे पर एचआरटीसी चालक एवं परिचालक यूनियन ने एक विशाल गेट मीटिंग का आयोजन किया।
इस बैठक में कर्मचारियों ने सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करते हुए अल्टीमेटम जारी किया है कि यदि 24 जून 2026 तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो 25 जून से पूरे जिले सहित प्रदेश भर में सरकारी बसों के पहिए पूरी तरह थम जाएंगे।
75 महीनों का नाइट ओवरटाइम और वेतन आयोग का एरियर है बकाया
गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए परिचालक यूनियन के प्रांतीय प्रधान प्रीत महेंद्र और चालक यूनियन के प्रधान मान सिंह ठाकुर ने प्रबंधन पर कर्मचारियों के शोषण का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि पिछले 75 महीनों (सवा छह साल) का रात्रि ओवरटाइम (Night Overtime) भत्ता कर्मचारियों को अभी तक नहीं दिया गया है।
इसके अतिरिक्त, छठे वेतन आयोग (6th Pay Commission) के एरियर की 50 हजार रुपये की जो किस्त प्रदेश के अन्य सभी सरकारी विभागों के कर्मचारियों को मिल चुकी है, उससे एचआरटीसी के चालक-परिचालकों को अब तक वंचित रखा गया है।
वक्ताओं ने रोष जताते हुए कहा कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद सरकार और प्रबंधन उनकी समस्याओं के प्रति पूरी तरह गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
24 जून की आधी रात तक का समय, वरना ठप होगी परिवहन व्यवस्था
यूनियन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 24 जून 2026 की रात 12:00 बजे तक कर्मचारियों के बैंक खातों में उनकी बकाया राशि और वित्तीय लाभ जमा नहीं किए गए, तो 25 जून की सुबह से पूरे हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी बसों का पूर्ण चक्का जाम कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दिन-रात सेवाएं देने वाले चालक और परिचालक आज इस आर्थिक संकट के कारण सबसे अधिक मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना झेल रहे हैं। यूनियन नेताओं ने साफ तौर पर कहा कि इस प्रस्तावित हड़ताल के कारण यदि आम जनता, स्कूली बच्चों और पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा या परेशानी का सामना करना पड़ता है,
तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी हिमाचल सरकार और निगम प्रबंधन की होगी।
बैठक में यह पदाधिकारी रहे मौजूद
चम्बा में आयोजित इस महत्वपूर्ण गेट मीटिंग के दौरान परिचालक यूनियन के संगठन मंत्री प्रमोद ठाकुर, उपाध्यक्ष सुनील, चालक यूनियन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा तथा महासचिव गंगाराम सहित भारी संख्या में निगम के चालक और परिचालक मौजूद रहे, जिन्होंने एक सुर में हड़ताल के फैसले का समर्थन किया।