ऊना।
ऊना जिला मुख्यालय में खेल और खिलाडिय़ों के भविष्य पर सियासत और प्रशासनिक रवैये का साया मंडरा रहा है। पिछले सात महीनों से बंद पड़े इंडोर स्टेडियम को लेकर स्थानीय विधायक और पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कड़ा रुख अख्तियार किया है।
खिलाडिय़ों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सत्ती ने खेल विभाग और प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
विधायक सतपाल सत्ती ने अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मामूली मरम्मत और मेंटेनेंस के नाम पर स्टेडियम को महीनों तक बंद रखना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी अब छोटे-मोटे रिपेयर कार्यों के बाद भी भव्य 'लोकार्पण' (उद्घाटन) करवाने की नई और गलत परंपरा शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं।
मरम्मत कार्य पूरा होने के तुरंत बाद स्टेडियम खिलाडिय़ों के लिए खोला जाना चाहिए था। उद्घाटन की प्रतीक्षा में खेल सुविधाओं को रोक कर रखना पूरी तरह से अनुचित है। अधिकारी चाटुकारिता छोड़ काम पर ध्यान दें। — सतपाल सिंह सत्ती, विधायक (ऊना)
सत्ती ने केवल बुनियादी ढांचे की बदहाली ही नहीं, बल्कि खेल विभाग में रिक्त पड़े पदों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा जिला ऊना में खेल प्रशिक्षकों की भारी कमी है, जिससे उभरती हुई खेल प्रतिभाएं दिशाहीन हो रही हैं।
सरकार केवल बड़ी घोषणाएं कर रही है, लेकिन धरातल पर न कोच हैं और न ही खेलने के लिए मैदान उपलब्ध हैं। पिछले 7 महीनों से अभ्यास न कर पाने के कारण कई खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी नहीं कर पा रहे हैं।
जिला युवा सेवाएं एवं खेल विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विधायक ने कहा कि बजट और संसाधनों के बावजूद कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित रखा जा रहा है। इंडोर स्टेडियम के बंद होने से न केवल बैडमिंटन, टेबल टेनिस और अन्य खेलों के खिलाड़ी प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि खेल संस्कृति को भी नुकसान पहुँच रहा है।
सतपाल सत्ती ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही स्टेडियम को खिलाडिय़ों के लिए सुचारू रूप से नहीं खोला गया और खेल प्रशिक्षकों की तैनाती नहीं की गई, तो वे जनता और खिलाडिय़ों के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने से पीछे नहीं हटेंगे।