शिमला।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्षी दल भाजपा ने सरकार की नीतियों और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के बयानों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। भाजपा विधायक दल ने मुख्यमंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव (Privilege Motion) लाने का निर्णय लिया है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाजपा का आरोप है कि मुख्यमंत्री सदन के भीतर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं और प्रदेश की जनता को गुमराह कर रहे हैं।
भाजपा नियम-75 के तहत विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया को मुख्यमंत्री के खिलाफ नोटिस सौंपेगी। विपक्ष का कहना है कि मुख्यमंत्री ने आर्थिक स्थिति और विकास कार्यों को लेकर जो आंकड़े पेश किए हैं, वे जमीनी हकीकत से परे हैं। जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री को 'झूठ बोलने वाला मुख्यमंत्री' करार देते हुए जवाबदेही की मांग की है।
विपक्ष के इन आरोपों पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक विनय कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भाजपा पर विकास कार्यों में बाधा डालने और केवल राजनीति करने का आरोप लगाया।
विनय कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री सीमित संसाधनों और भारी कर्ज के बावजूद प्रदेश को कुशलता से चला रहे हैं। उन्होंने भाजपा विधायकों को नसीहत दी कि वे आरोप लगाने से पहले अपने कार्यकाल के 'गिरेबान' में झांककर देखें। सरकार का दावा है कि विपक्ष केवल चर्चा से भागने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस मिलने के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस प्रस्ताव को स्वीकार किया जाता है या नहीं। यदि प्रिविलेज मोशन को हरी झंडी मिलती है, तो यह मुख्यमंत्री और सरकार के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती बन सकता है।