शिमला।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और रोजगार को लेकर कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। सरकार ने पुलिस और वन विभाग में 1500 से अधिक पदों पर भर्ती को हरी झंडी दे दी है।
इसके साथ ही, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में भारी बढ़ोतरी कर किसानों और बागवानों को आर्थिक मजबूती देने का बड़ा कदम उठाया है।
कैबिनेट ने युवाओं को सरकारी सेवा का अवसर देते हुए पुलिस कांस्टेबल के 1000 पदों को भरने की मंजूरी दी है। इसके अतिरिक्त, वन विभाग में सहायक वन रक्षकों के 500 प भरे जाएंगे, जिसमें से 50 प्रतिशत कोटा 'वन मित्रों' के लिए आरक्षित रखा गया है।
विभाग के कार्यों को सुचारू बनाने के लिए सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारियों (नायब तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी) की मानदेय पर नियुक्ति का भी निर्णय लिया गया है।
किसानों के हित में निर्णय लेते हुए कैबिनेट ने समर्थन मूल्य में वृद्धि की है गेहूं ₹60 से बढ़ाकर ₹80 प्रति किलो, मक्का ₹40 से बढ़ाकर ₹50 प्रति किलो, कच्ची हल्दी ₹90 से सीधे ₹150 प्रति किलो, पांगी का जौ ₹60 से बढ़ाकर ₹80 प्रति किलो।
इसके अलावा, प्राकृतिक खेती से उत्पादित अदरक के लिए ₹30 प्रति किलो का मूल्य निर्धारित किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।
पर्यटन कारोबारियों को राहत देते हुए सरकार ने 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के तहत होम स्टे नियमों को सरल बनाया है। अब होम स्टे चलाने के लिए फायर विभाग की एनओसी (NOC) की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है।
साथ ही, पहले अनिवार्य 1.50 लाख लीटर क्षमता के पानी के टैंक की शर्त को घटाकर अब मात्र 5000 लीटर कर दिया गया है। इससे छोटे होम स्टे मालिकों को बड़ी वित्तीय राहत मिलेगी।
कैबिनेट ने अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए हैं युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु परमवीर चक्र विजेता मानद कैप्टन संजय कुमार की सेवाएं ली जाएंगी।
मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों की कमी दूर करने के लिए सेवानिवृत्त संकाय सदस्यों की नियुक्ति को मंजूरी दी गई। पेंशन वितरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए नियमों में संशोधन किया गया। पात्रता पूरी करने वाले उत्पादकों को 71 लघु जलविद्युत परियोजनाएं आवंटित करने का निर्णय लिया गया।