शिमला।
जिला शिमला में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने अपना सुरक्षा चक्र और कड़ा कर दिया है। पुलिस द्वारा लागू की गई सुदृढ़ रात्रि गश्त एवं चेकिंग व्यवस्था से न केवल अपराधों पर लगाम लगी है, बल्कि जनता में सुरक्षा की भावना भी प्रबल हुई है।
जिले के सभी पुलिस थाना क्षेत्रों में पुलिस बल द्वारा प्रतिदिन रात्रि के समय नियमित रूप से गश्त की जा रही है। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की आसूचना आधारित (Intelligence-led) गहन जांच की जाती है। पुलिस की इस सक्रियता का मुख्य उद्देश्य असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण पाना और किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना को होने से पहले रोकना है।
इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जिले के सभी पर्यवेक्षक अधिकारी स्वयं रात के समय अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहते हैं। ये अधिकारी न केवल गश्त का हिस्सा बनते हैं, बल्कि नाकों और पुलिस थानों का औचक निरीक्षण भी कर रहे हैं।
निगरानी प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए 'क्रॉस-जूरिस्डिक्शन चेकिंग' की व्यवस्था लागू की गई है। इसके अंतर्गत एक क्षेत्र के पर्यवेक्षक अधिकारी दूसरे क्षेत्र में जाकर निरीक्षण एवं चेकिंग करते हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों की इस सतत उपस्थिति से अधीनस्थ कर्मचारियों में जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ी है। अचानक होने वाले निरीक्षणों से ड्यूटी पर तैनात स्टाफ की सतर्कता का भी परीक्षण होता है।
जिला पुलिस की इस विशेष मुहिम से शिमला के सुरक्षा ढांचे में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। रात के अंधेरे में पुलिस की मौजूदगी ने आम नागरिकों, विशेषकर रात में आवाजाही करने वाले लोगों और पर्यटकों में विश्वास पैदा किया है।
शिमला पुलिस ने इस मुहिम की सफलता के लिए आम नागरिकों के सहयोग का आभार व्यक्त किया है। पुलिस का कहना है कि जनता की सतर्कता और पुलिस की सक्रियता मिलकर शिमला को एक सुरक्षित जिला बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।