शिमला।
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने जिला शिमला के जुब्बल क्षेत्र में चल रहे चिट्टा (हेरोइन) तस्करी के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने 'बैकवर्ड लिंकेज' की जांच करते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की रोहड़ू शाखा में तैनात लोन मैनेजर तरुण ठाकुर को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपी तरुण ठाकुर (33 वर्ष) सिरमौर जिले की राजगढ़ तहसील के गांव चोगटाली का निवासी है। वह वर्तमान में एसबीआई रोहड़ू में लोन मैनेजर/फील्ड ऑफिसर के पद पर कार्यरत था। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि एक जिम्मेदार पद पर होने के बावजूद वह चिट्टे की खरीद-फरोख्त के अवैध कारोबार में सक्रिय रूप से संलिप्त था।
पुलिस के अनुसार, तरुण ठाकुर का सीधा संपर्क पंजाब के अमृतसर निवासी मुख्य सप्लायर लुकास उर्फ लकी से था। जांच में दोनों के बीच ऑनलाइन माध्यम से भारी वित्तीय लेनदेन के प्रमाण मिले हैं, जो इस अवैध ड्रग नेटवर्क में उसकी गहरी पैठ की पुष्टि करते हैं।
जुब्बल पुलिस ने इस मामले में सिलसिलेवार कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 6 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है। पुलिस ने जुब्बल में एक स्थानीय महिला को 13.46 ग्राम चिट्टा के साथ गिरफ्तार किया।
महिला से पूछताछ के आधार पर मुख्य सप्लायर लुकास उर्फ लकी को अमृतसर (पंजाब) से पकड़ा गया। मामले की कड़ियाँ आगे बढ़ाते हुए तीन अन्य आरोपियों—आशीष उर्फ गांधी, मनोज ठाकुर उर्फ सनी और खुशी राम उर्फ कुश—को गिरफ्तार किया गया। बैंक अधिकारी तरुण ठाकुर को NDPS एक्ट की धारा 29 के तहत गिरफ्तार किया गया।
इस मामले की जांच से स्पष्ट हुआ है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह था। पंजाब से नशे की सप्लाई होती थी, जिसका वितरण हिमाचल के विभिन्न हिस्सों में किया जा रहा था।
ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क को जोड़ने में सफलता पाई है। एसएसपी शिमला ने पुलिस टीम की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति चाहे वह किसी भी पद पर हो, यदि नशे के कारोबार में संलिप्त पाया गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी है कि नशे का जाल अब पढ़े-लिखे और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों तक भी पहुँच रहा है। युवाओं को इस गर्त से दूर रहने की सख्त आवश्यकता है। आरोपी तरुण ठाकुर को आज न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों का खुलासा हो सकता है।