शिमला।
हिमाचल प्रदेश में पांच दिनों तक मौसम साफ रहने के बाद एक बार फिर मिजाज बदल गया है। जहां ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी ने ठंड बढ़ा दी है, वहीं निचले क्षेत्रों के लिए मौसम विभाग ने अंधड़ और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।
शुक्रवार सुबह से ही कुल्लू और लाहौल घाटी की ऊंची चोटियों सहित रोहतांग दर्रे पर रुक-रुक कर बर्फबारी का दौर जारी है। इस ताजा हिमपात के कारण पूरी घाटी शीतलहर की चपेट में है और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, शुक्रवार को पूरे प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। विभाग ने कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका जताई है। 18 और 19 अप्रैल को भी मौसम खराब रहेगा, हालांकि तीव्रता कुछ कम हो सकती है। 20 अप्रैल से पूरे प्रदेश में मौसम साफ होने और धूप खिलने की उम्मीद है।
बेमौसम बर्फबारी और ओलावृष्टि की चेतावनी ने घाटी के बागवानों को मुश्किल में डाल दिया है। सेब के बगीचों में इन दिनों फ्लोवरिंग (फूल आने) का समय है। ऐसे में खराब मौसम के कारण फसल को भारी नुकसान होने की आशंका है।
मैदानी जिलों में गर्मी का असर बना हुआ है, जबकि जनजातीय इलाकों में रात का पारा अभी भी शून्य के करीब है। ऊना में वीरवार को अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री, बरठीं में 34.8 डिग्री, कांगड़ा में 33.6, मंडी में 33.0, सुंदरनगर में 32.8, नाहन में 32.3, सोलन में 30.5, चंबा में 30.3, धर्मशाला में 29.0, शिमला में 25.2, कल्पा में 20.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।