शिमला।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की घोषणा के अनुरूप, अब प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को सुरक्षित पेयजल के लिए स्टेनलेस स्टील की पानी की बोतलें वितरित की जाएंगी।
इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रक्रिया तेज कर दी है।
शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार, इस योजना का लाभ सरकारी स्कूलों के सभी स्तरों पर मिलेगा। इसमें शामिल श्रेणियां इस प्रकार हैं:
राज्य सरकार का उद्देश्य बच्चों को प्लास्टिक के हानिकारक प्रभावों से बचाना और उन्हें एक टिकाऊ विकल्प प्रदान करना है। गौरतलब है कि हिमाचल सरकार पहले ही प्रदेश में 500 मिलीलीटर तक की पेट (PET) बोतलों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा चुकी है।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला उपनिदेशकों (प्रारंभिक एवं माध्यमिक) को निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी जिलों से निम्नलिखित डेटा माँगा गया है जिले के सभी 143 ब्लॉक प्रोजेक्ट अधिकारियों की सूची और संपर्क विवरण।
प्री-प्राइमरी से 12वीं तक के छात्रों की कुल संख्या। आवश्यक स्टेनलेस स्टील बोतलों की श्रेणीवार कुल संख्या। उपनिदेशकों को यह जानकारी 30 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से निदेशालय को उपलब्ध करानी होगी, ताकि बोतलों की खरीद और वितरण की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
इस पहल को प्लास्टिक कचरे को कम करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। स्टेनलेस स्टील की बोतलें न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि लंबे समय तक चलने वाली और स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित भी होती हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस योजना से छात्रों में बचपन से ही स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित होगा।