धर्मशाला
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज और नगर निगम चुनावों को लेकर राजनीतिक बिसात बिछ चुकी है। धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा ने दावा किया है कि इस बार नगर निगम धर्मशाला में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी।
वीरवार को धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र के दो जिला परिषद वार्डों—झिकली इच्छी और सौकणी दा कोट—के भाजपा समर्थित प्रत्याशियों का नामांकन दाखिल करवाने के बाद विधायक पत्रकारों से रूबरू हुए।
नामांकन से पहले हनुमान मंदिर में टेका मत्था
नामांकन प्रक्रिया शुरू करने से पहले विधायक सुधीर शर्मा दोनों प्रत्याशियों के साथ कचहरी स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पहुँचे, जहाँ उन्होंने जीत की कामना के साथ शीश नवाया।
इसके बाद वे दलबल के साथ नामांकन पत्र दाखिल करने निर्वाचन अधिकारी के पास पहुँचे। झिकली इच्छी वार्ड से भाजपा ने सतीश चौधरी को मैदान में उतारा है। सौकणी दा कोट वार्ड से सीमा को प्रत्याशी बनाया गया है।
नए चेहरों पर दांव और 'पुराना रिवाज' खत्म
टिकट आवंटन पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए सुधीर शर्मा ने कहा कि भाजपा ने पिछले चुनावों का सूक्ष्म आकलन करने के बाद ही टिकट बांटे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम में इस बार नए चेहरों को मौका दिया गया है और वर्षों से चला आ रहा 'पुराना रिवाज' अब बंद हो गया है।
विरोधियों पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि जो खुद को 'मक्खी' कह रहे हैं, उन पर मैं कुछ नहीं कहना चाहता।
जाति और क्षेत्र नहीं, 'विकास' होगा मुद्दा
विधायक ने जोर देकर कहा कि भाजपा चुनावों में जातिवाद या क्षेत्रीय आधार पर बंटवारा नहीं करेगी। उन्होंने कहा, "जनता के विश्वास पर भाजपा चुनाव लड़ रही है। हमारा मुख्य ध्येय विकास और जनसेवा है।" उन्होंने यह भी जानकारी दी कि नगर निगम चुनावों को लेकर भाजपा की रणनीति तैयार है और पदाधिकारियों को अलग-अलग वार्डों की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
आजाद प्रत्याशियों का मिला समर्थन
सुधीर शर्मा ने बताया कि हालांकि पंचायतीराज चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं हो रहे हैं, लेकिन भाजपा ने अपने कर्मठ कार्यकर्ताओं को मैदान में उतारा है। उन्होंने दावा किया कि कई आजाद प्रत्याशियों ने अपने नामांकन वापस लेकर भाजपा प्रत्याशियों को खुला समर्थन दिया है, जिससे पार्टी की स्थिति और मजबूत हुई है।