सोलन।
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में पिछले कुछ दिनों से घरेलू गैस सिलेंडरों की कमी को लेकर चल रही चर्चाओं और अफवाहों पर जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। उपायुक्त (DC) सोलन, मनमोहन शर्मा ने आज आधिकारिक बयान जारी करते हुए जनता को आश्वस्त किया कि जिले में रसोई गैस (LPG) की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारू है।
5 हजार सिलेंडरों का वितरण, नई खेप भी पहुंची
डीसी मनमोहन शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन गैस आपूर्ति की निरंतर निगरानी कर रहा है। उन्होंने कहा, बीते कल जिले भर में लगभग 5,000 घरेलू गैस सिलेंडरों का वितरण किया गया है।
आज भी नई सप्लाई सोलन पहुंच चुकी है, इसलिए उपभोक्ताओं को पैनिक (घबराहट) करने या स्टॉक जमा करने की आवश्यकता नहीं है।" प्रशासन प्रतिदिन वितरण व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है ताकि किसी भी क्षेत्र में किल्लत न हो।
अस्पतालों और हॉस्टलों को प्राथमिकता
कमर्शियल (व्यावसायिक) गैस सिलेंडरों के वितरण को लेकर डीसी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता शैक्षणिक संस्थान और स्वास्थ्य सेवाएं हैं। वर्तमान में जिले में 300 से अधिक कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध हैं।
हॉस्टलों और अस्पतालों की अनिवार्य जरूरतों को देखते हुए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सप्लाई दी जा रही है। होटल और ढाबा संचालकों को फिलहाल उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने और आवश्यकता पड़ने पर बिजली जैसे वैकल्पिक साधनों का सहारा लेने की सलाह दी गई है।
प्रवासी मजदूरों के लिए मिट्टी के तेल की व्यवस्था
औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-नालागढ़ में रहने वाले हजारों प्रवासी मजदूरों की सुविधा के लिए भी प्रशासन ने कदम उठाए हैं। भारत सरकार द्वारा राज्य को आवंटित केरोसिन के कोटे के तहत, जिला प्रशासन अब जरूरतमंद प्रवासियों के लिए सब्सिडी वाले मिट्टी के तेल की व्यवस्था कर रहा है, ताकि उन्हें खाना पकाने में किसी समस्या का सामना न करना पड़े।
कालाबाजारी पर रहेगी पैनी नजर
गैस की कालाबाजारी और अवैध भंडारण को रोकने के लिए उपायुक्त ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि जिले के सभी एसडीएम (SDM) से रोजाना आपूर्ति की रिपोर्ट ली जा रही है। यदि कहीं भी वितरण में अनियमितता या ओवरचार्जिंग की शिकायत मिलती है, तो संबंधित एजेंसी या व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।