सेब खरीद-फरोख्त, आढ़तियों की व्यवस्था और पैकेजिंग का लिया जायजा; लाइसेंसी आढ़तियों के नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के दिए निर्देश
सेब सीजन के बीच बागवानों के हितों और मंडी व्यवस्था का जायजा लेने के लिए राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने सोलन सेब मंडी का औचक निरीक्षण किया। अचानक मंडी पहुंचे मंत्री ने यहां सेब की खरीद-फरोख्त, आढ़तियों की व्यवस्था, बागवानों को किए जा रहे भुगतान और पैकेजिंग समेत विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
समय पर भुगतान न करने वाले आढ़तियों पर होगी कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान बागवानों के भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन आढ़तियों की ओर से बागवानों की उपज का भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है, उनके खिलाफ नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बागवानों की मेहनत की कमाई को रोकना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंडी में पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
लाइसेंसी आढ़तियों के नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश
मंडी में लाइसेंसी आढ़तियों के नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित नहीं किए जाने पर भी मंत्री ने कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी में लाइसेंसधारी आढ़तियों की जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित की जाए।
इससे बागवानों को स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा कि वे अपना सेब किस आढ़ती के माध्यम से बेच रहे हैं। मंत्री ने कहा कि मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता बेहद जरूरी है और बागवानों को किसी तरह की परेशानी या भ्रम नहीं होना चाहिए।
यूनिवर्सल कार्टन में हो सकता है बदलाव
सेब की पैकेजिंग को लेकर भी निरीक्षण के दौरान चर्चा हुई। मंत्री ने संकेत दिया कि यूनिवर्सल कार्टन में कुछ संशोधन किया जा सकता है, ताकि इसकी व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके और बागवानों को इसका अधिक लाभ मिल सके।
हिमाचल में यूनिवर्सल कार्टन व्यवस्था लागू करने का उद्देश्य सेब की पैकेजिंग और बिक्री में पारदर्शिता बढ़ाना तथा बागवानों को शोषण से बचाना है। सरकार इसे बागवानों के हित में महत्वपूर्ण कदम मानती रही है।
शिकायतों के समयबद्ध समाधान के निर्देश
जगत सिंह नेगी के औचक निरीक्षण को सेब सीजन के दौरान मंडी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंत्री ने अधिकारियों को मंडी व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने और बागवानों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मंडी में भुगतान व्यवस्था, आढ़तियों की पहचान और पैकेजिंग जैसे मुद्दे सीधे तौर पर बागवानों से जुड़े हैं। ऐसे में अब डिफॉल्टर आढ़तियों और मंडी नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई को लेकर नजरें टिकी हैं।
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