मंडी और कुल्लू में सबसे ज्यादा सड़कें बंद; 10 और 11 अगस्त को कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, किन्नौर कैलाश यात्रा 15 अगस्त तक बढ़ाई गई
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। शनिवार सुबह 10 बजे तक राज्य में भूस्खलन के कारण 185 सड़कें बंद रहीं। इसके अलावा 104 बिजली ट्रांसफार्मर और 77 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं।
सबसे ज्यादा सड़कें मंडी और कुल्लू जिले में बंद हैं। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। मौसम विभाग ने राज्य में अगले एक सप्ताह तक बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है।
लगातार दूसरे दिन बंद रही किन्नौर कैलाश यात्रा
खराब मौसम के कारण किन्नौर कैलाश यात्रा लगातार दूसरे दिन भी बंद रही। प्रशासन ने शनिवार को भी श्रद्धालुओं को तांगलिंग और गणेश बाग बेस कैंप से आगे जाने की अनुमति नहीं दी। शुक्रवार को भी यात्रियों को इन्हीं बेस कैंपों पर रोका गया था।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने किन्नौर कैलाश यात्रा की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 अगस्त कर दी है। अब 15 अगस्त को यात्रा का समापन होगा।
प्रशासन के अनुसार दूसरे बेस कैंप मलिंग खट्टा (गणेश बाग) से कैलाश की ओर यात्रा शुरू करने को लेकर फैसला हर दिन रात 11 बजे लिया जाएगा।
नाले के जलस्तर और यात्रा मार्ग का होगा निरीक्षण
गणेश गुफा और मलिंग खट्टा में तैनात टीम गुफा के समीप स्थित नाले के जलस्तर और यात्रा मार्ग की स्थिति का निरीक्षण करेगी। परिस्थितियां सुरक्षित पाए जाने के बाद ही रात 11 बजे के पश्चात श्रद्धालुओं को आगे जाने की अनुमति दी जाएगी।
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि अंतिम निर्णय आने तक इंतजार करें और बिना अनुमति के आगे न बढ़ें।
किन्नौर कैलाश यात्रा संचालन समिति के अध्यक्ष एवं एसडीएम कल्पा प्रवीण भारद्वाज ने बताया कि दो दिन यात्रा बाधित रहने के कारण अंतिम तिथि बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इसका उद्देश्य यात्रा से वंचित रहे श्रद्धालुओं को आने वाले दिनों में यात्रा का अवसर देना है।
उन्होंने यात्रियों से सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।
इस मानसून में अब तक 143 लोगों की मौत
राज्य में मौजूदा मानसून सीजन के दौरान 30 जून से 7 अगस्त तक 143 लोगों की मौत हो चुकी है। इस दौरान 226 लोग घायल हुए हैं। इनमें 78 लोगों की जान सड़क हादसों में गई है।
मानसून के दौरान 22 पक्के और 41 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 242 कच्चे-पक्के मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 12 दुकानें और 203 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।
इस अवधि में 197 पालतू पशुओं की भी मौत हुई है। प्रदेश में मानसून से हुए कुल नुकसान का आंकड़ा 83,467.45 लाख रुपये तक पहुंच गया है।
इन जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में 14 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। 10 और 11 अगस्त को मध्य पहाड़ी क्षेत्रों और उनसे सटे निचले पहाड़ी व मैदानी इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
10 अगस्त: कांगड़ा, सिरमौर, कुल्लू और मंडी में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट।
11 अगस्त: चंबा, मंडी, सिरमौर और कुल्लू के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
8 अगस्त और 10 से 14 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है।
कहां कितनी बारिश हुई
बीते 24 घंटों के दौरान धर्मशाला में 48.1 मिलीमीटर, बजौरा में 31.5, मनाली में 22.0, स्लापड़ मंडी में 21.8, भुंतर में 21.0, मुरारी देवी में 20.0, कोठी में 18.0, जोगिंद्रनगर में 16.0, सराहन में 15.6, सुंदरनगर में 15.0, शिमला में 15.0 और धौलाकुआं में 14.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
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