जायका प्रोजेक्ट कर्मचारियों के लिए टीम बिल्डिंग, नेतृत्व विकास और तनाव प्रबंधन प्रशिक्षण का आयोजन
हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना के निदेशक डॉ. सुनील चौहान ने कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी कर सार्वजनिक धन का किसी अन्य उद्देश्य में उपयोग स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परियोजना की प्रत्येक गतिविधि किसानों के कल्याण को ध्यान में रखकर संचालित की जानी चाहिए।
होटल हमीर में जायका प्रोजेक्ट के कर्मचारियों के लिए आयोजित कार्यशाला में डॉ. सुनील चौहान ने अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित किया। इस दौरान डीपीएमयू हमीरपुर तथा संबद्ध बीपीएमयू बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना के अधिकारियों व कर्मचारियों ने भाग लिया।
कार्यशाला के दौरान ‘टीम बिल्डिंग, नेतृत्व विकास, प्रेरणा एवं तनाव प्रबंधन’ विषय पर मानव संसाधन विकास (एचआरडी) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण वरिष्ठ कॉरपोरेट प्रशिक्षक मनु भारद्वाज द्वारा प्रदान किया जा रहा है।
डॉ. चौहान ने अपने संबोधन में ‘काइज़ेन’ यानी निरंतर सुधार की कार्य संस्कृति को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समस्याओं से बचने के बजाय उनका समाधान तलाशने की सोच विकसित करनी होगी।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से किसानों के साथ पारदर्शी, जवाबदेह और निर्भीक संवाद बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परियोजना की सफलता तभी संभव है जब किसानों को इसका वास्तविक लाभ मिले और सभी गतिविधियां उनकी जरूरतों को ध्यान में रखकर संचालित हों।
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