हिमाचल प्रदेश में यूरिया उपलब्ध पर डीएपी और एनपीके की किल्लत; स्थिति संभालने के लिए हिमफेड ने आईपीएल से शुरू की 250 टन यूरिया की खरीद।
हिमाचल प्रदेश में किसानों को खाद उपलब्ध करवाने वाली व्यवस्था पर करोड़ों रुपये की देनदारी भारी पड़ गई है। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी विपणन एवं उपभोक्ता संघ लिमिटेड (हिमफेड) पर करीब 5.50 करोड़ रुपये की बकाया देनदारी के कारण इफको (IFFCO) ने खाद की आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी है।
प्रदेश भर में निजी दुकानदारों और सरकारी डिपुओं के माध्यम से हिमफेड ही किसानों तक खाद पहुंचाता है। ऐसे में इफको की सप्लाई रुकने से आने वाले दिनों में कृषि गतिविधियों पर गहरा असर पड़ने की आशंका है।
फिलहाल राज्य में यूरिया की उपलब्धता बनी हुई है, लेकिन डीएपी (DAP) और एनपीके (NPK) जैसी महत्वपूर्ण खादों की नियमित आपूर्ति को लेकर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। प्रदेश के किसानों के बीच इफको की खाद की सबसे अधिक मांग रहती है, ऐसे में खेप रुकना आपूर्ति व्यवस्था के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
आईपीएल से शुरू की गई वैकल्पिक खरीद सप्लाई ठप होने के बाद हिमफेड ने स्थिति को संभालने के लिए इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) से खाद की खरीद शुरू की है। आईपीएल की ओर से लगभग 250 टन यूरिया हिमफेड को भेजी भी गई है, लेकिन मांग की तुलना में यह आपूर्ति अभी भी कम है।
क्या कहते हैं किसान?
जसविंदर सिंह (किसान): "पहले खाद की आपूर्ति सुचारु रहती थी, लेकिन पिछले चार महीनों से दिक्कतें आ रही हैं। फिलहाल यूरिया तो मिल रही है, लेकिन डीएपी और एनपीके की पर्याप्त सप्लाई नहीं पहुंच रही। इससे खेती का काम प्रभावित हो रहा है।"
प्रेम चंद (किसान): "सितंबर में आलू की बुआई शुरू होते ही एनपीके खाद की मांग काफी बढ़ जाती है। यदि इस समय खाद की पर्याप्त सप्लाई नहीं हुई, तो किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।"
देनदारी और व्यवस्था पर अधिकारियों का पक्ष
इफको क्षेत्रीय प्रबंधन (पवन कुमार): हिमफेड पर करीब ₹5.50 करोड़ रुपये की देनदारी है, जिसके कारण ही खाद की आपूर्ति रोकी गई है। उच्च अधिकारियों से नए आदेश मिलने के बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा।
हिमफेड ऊना (विपणन सहायक, कमलेश कुमार): प्रदेश भर में हिमफेड के लगभग 85 स्टोर हैं, जिनके जरिए निजी दुकानों और डिपुओं को सप्लाई दी जाती है। आपूर्ति व्यवस्था जारी रखने के लिए आईपीएल से खाद मंगवाई गई है, हालांकि मांग के मुकाबले आपूर्ति अभी भी थोड़ी कम है।
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