घुमारवीं कॉलेज में विद्यार्थियों से संवाद, मंत्री ने लक्ष्य निर्धारण, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास पर दिया जोर
नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने स्वामी विवेकानंद राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखते हुए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।
मंत्री ने पहले सत्र में बीए, बीएससी और बीकॉम तथा दूसरे सत्र में बीबीए, बीसीए और बीवॉक के विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सबसे पहले अपनी रुचि के अनुसार लक्ष्य निर्धारित करना जरूरी है। विद्यार्थियों को परिस्थितियों का डटकर सामना करने के साथ कॉलेज की विभिन्न गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए।
राजेश धर्माणी ने विद्यार्थियों को अपना SWOT एनालिसिस करने की सलाह दी, जिससे वे अपनी ताकत, कमजोरियों, अवसरों और चुनौतियों को पहचान सकें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी केवल अच्छे अंक हासिल करने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने ज्ञान की व्यावहारिक उपयोगिता पर भी ध्यान दें।
उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर तकनीकी ज्ञान का है और मोबाइल तकनीक तथा एआई टूल्स का इस्तेमाल ज्ञान बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने युवाओं को सक्षम और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान करते हुए कहा कि हुनरमंद युवा समाज और देश की महत्वपूर्ण संपत्ति हैं।
विद्यार्थी अंबिका के फियर ऑफ मिसिंग आउट (FOMO) से जुड़े सवाल पर मंत्री ने कहा कि डर को अपने ऊपर हावी न होने दें। अपनी प्राथमिकताएं तय करें, लक्ष्य निर्धारित करें और उसके लिए लगातार मेहनत करें। उन्होंने विद्यार्थियों से दूसरों से अपनी तुलना करने के बजाय खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान देने का आह्वान किया।
मंत्री ने कॉलेज में सामाजिक कौशल विकास के लिए विभिन्न क्लब स्थापित करने और विद्यार्थियों को खेल गतिविधियों में शामिल करने पर भी जोर दिया। उन्होंने एनएसएस, एनसीसी तथा स्काउट्स एंड गाइड्स जैसी गतिविधियों में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और धैर्य के साथ लगातार प्रयास करना जरूरी है।
दूसरे सत्र में बीवॉक, बीसीए और बीबीए के विद्यार्थियों के साथ व्यक्तित्व विकास, कौशल संवर्धन और व्यावसायिक उत्कृष्टता पर चर्चा की गई। विद्यार्थियों को केस स्टडी विश्लेषण, रिपोर्ट लेखन तथा अल्पकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्य निर्धारित करने की रणनीतियों की जानकारी दी गई।
इस दौरान विद्यार्थियों ने अपनी इंटर्नशिप के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि विभिन्न उद्योगों में आयोजित इंटर्नशिप का खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया गया। इससे उन्हें कार्य संस्कृति, आधुनिक तकनीक और व्यावसायिक प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी मिली तथा उनके कौशल और आत्मविश्वास में वृद्धि हुई।
राजेश धर्माणी ने कॉलेज में विभिन्न खेल गतिविधियों के लिए 5 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। इस अवसर पर कॉलेज प्राचार्य प्रो. प्रीतम लाल सहित अन्य अध्यापक मौजूद रहे।
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