हिमाचल के 25 पॉलीटेक्निक संस्थानों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगा संशोधित सिलेबस। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तैयार नए पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप, तनाव प्रबंधन और आपदा प्रबंधन को शामिल किया गया।
हिमाचल प्रदेश के 25 बहुतकनीकी (पॉलीटेक्निक) संस्थानों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए संशोधित पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने नए सिलेबस को मंजूरी देते हुए सभी सरकारी और निजी संस्थानों को इसे नए सत्र से लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 के अनुरूप तैयार इस पाठ्यक्रम में पारंपरिक तकनीकी विषयों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्टार्टअप एवं उद्यमिता, तनाव प्रबंधन और आपदा प्रबंधन जैसे आधुनिक विषयों को भी शामिल किया गया है।
17 सरकारी और 8 निजी पॉलीटेक्निक होंगे शामिल
प्रदेश में वर्तमान में 17 सरकारी और 8 निजी, कुल 25 बहुतकनीकी संस्थान संचालित हैं। नए पाठ्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को बदलती तकनीक, उद्योगों की आवश्यकताओं और रोजगार के नए अवसरों के लिए तैयार करना है।
AI और स्टार्टअप पर रहेगा विशेष फोकस
नए सिलेबस में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बुनियादी सिद्धांत, उसके व्यावहारिक उपयोग और रोजगार की संभावनाओं के बारे में पढ़ाया जाएगा।
इसके अलावा स्टार्टअप एवं उद्यमिता विषय के तहत छात्रों को नया व्यवसाय शुरू करने, नवाचार (Innovation), बिजनेस मॉडल और फंडिंग की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे नौकरी के साथ-साथ स्वरोजगार की दिशा में भी आगे बढ़ सकें।
तनाव और आपदा प्रबंधन की भी होगी पढ़ाई
पाठ्यक्रम में तनाव प्रबंधन (Stress Management) को भी शामिल किया गया है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर से जुड़े मानसिक दबाव से निपटने के तरीके सिखाए जाएंगे।
वहीं आपदा प्रबंधन (Disaster Management) विषय के अंतर्गत भूकंप, बाढ़, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव, राहत और आपातकालीन प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विशेषज्ञ समिति ने तैयार किया नया सिलेबस
संशोधित पाठ्यक्रम प्रदेश के विभिन्न बहुतकनीकी संस्थानों के प्राचार्यों, विभागाध्यक्षों और विषय विशेषज्ञों की समिति ने तैयार किया है। तकनीकी शिक्षा बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद इसे शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सभी संस्थानों में लागू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
विद्यार्थियों के समग्र विकास पर जोर
तकनीकी शिक्षा बोर्ड का मानना है कि नया पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व, नवाचार क्षमता, मानसिक स्वास्थ्य और व्यावहारिक कौशल के विकास में भी मददगार साबित होगा।
तकनीकी शिक्षा बोर्ड के सचिव अशोक पाठक ने बताया कि विशेषज्ञ समिति द्वारा तैयार संशोधित पाठ्यक्रम को बोर्ड की मंजूरी मिल चुकी है और इसे नए शैक्षणिक सत्र से सभी बहुतकनीकी संस्थानों में लागू किया जाएगा।
नए सिलेबस की प्रमुख विशेषताएं
25 बहुतकनीकी (पॉलीटेक्निक) संस्थानों में लागू होगा नया पाठ्यक्रम।
17 सरकारी और 8 निजी संस्थान होंगे शामिल।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बुनियादी शिक्षा।
स्टार्टअप एवं उद्यमिता की जानकारी।
तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष फोकस।
आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों का प्रशिक्षण।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तैयार किया गया संशोधित पाठ्यक्रम।
follow us on facebook
subscribe to us on youtube