बिलासपुर को पहले चरण में मिलीं 15 इलेक्ट्रिक बसें, मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा- प्रदेश में पहली बार करीब 300 ई-बसें HRTC के बेड़े में शामिल, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का भी होगा विस्तार।
हिमाचल प्रदेश में हरित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बिलासपुर में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार करीब 300 इलेक्ट्रिक बसों को हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के बेड़े में शामिल किया गया है।
मंत्री ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि पहले चरण में 15 इलेक्ट्रिक बसें बिलासपुर को आवंटित की गई हैं और भविष्य में इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी।
डीजल बसों की जगह लेंगी इलेक्ट्रिक बसें
राजेश धर्माणी ने कहा कि बिलासपुर में वर्तमान में संचालित डीजल बसों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक बसों से बदला जाएगा। उन्होंने एचआरटीसी अधिकारियों से बंदला रूट पर भी एक इलेक्ट्रिक बस चलाने का आग्रह किया, ताकि दूरदराज के पहाड़ी क्षेत्रों तक भी पर्यावरण अनुकूल परिवहन की सुविधा पहुंच सके।
ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक परिवहन पर सरकार का फोकस
मंत्री ने कहा कि आने वाला समय इलेक्ट्रिक और ग्रीन हाइड्रोजन आधारित सार्वजनिक परिवहन का है। प्रदेश सरकार का उद्देश्य हिमाचल को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त राज्य बनाना है। इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार इसी दिशा में एक अहम पहल है।
बेरोजगार युवाओं को मिलेगी 50% तक सब्सिडी
राजेश धर्माणी ने बताया कि राजीव गांधी स्वरोजगार योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को इलेक्ट्रिक टैक्सी खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के दूसरे चरण में भी पात्र युवाओं को 50 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
इसके अलावा निजी क्षेत्र में इलेक्ट्रिक बस संचालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार विशेष नीति लागू कर चुकी है। इसके तहत पात्र संचालकों को 50 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी के साथ प्रति माह 75 हजार रुपये तक वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) भी उपलब्ध कराई जाएगी।
चार्जिंग नेटवर्क का होगा विस्तार
मंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ेगा और हिमाचल को ग्रीन स्टेट बनाने के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।
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