सरकाघाट:
गोपालपुर क्षेत्र के नैण गांव की कॉलेज छात्रा सिया गुलेरिया की निर्मम हत्या के मामले में न्याय की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। वारदात के 70 दिन बाद पुलिस जांच पूरी होने और अदालत में चालान पेश होने के बाद, अब स्थानीय सामाजिक संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों और पीड़ित परिवार ने इस मामले का ट्रायल फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की मांग
उठाई है। इस संबंध में आज 'सिया न्याय एवं यादगार मंच' के नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने सरकाघाट में एकत्रित होकर एसडीएम (SDM) राजेंद्र गौतम के माध्यम से मुख्यमंत्री और हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को एक मांग पत्र भेजा।
मंच ने पुरजोर वकालत की है कि इस संवेदनशील मामले की सुनवाई सरकाघाट न्यायालय में ही फास्ट ट्रैक स्तर पर की जाए ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों और दिवंगत सिया के पिता जोगिंदर गुलेरिया व बहनों ने सरकार के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया। मंच के संयोजकों ने कहा कि घटना को ढाई महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को अभी तक कोई भी वित्तीय सहायता प्रदान नहीं की गई है,
जो कि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि प्रभावित परिवार को तुरंत आर्थिक राहत दी जाए और सिया की दोनों बहनों को सरकारी नौकरी मुहैया करवाई जाए।
इसके साथ ही, क्षेत्र में लगातार पैर पसार रहे 'चिट्टे' और अवैध नशे के कारोबार पर चिंता जताते हुए प्रशासन से स्कूलों व कॉलेजों में 'एंटी-ड्रग्स कमेटियों' का गठन करने और विशेष जागरूकता शिविर आयोजित करने की मांग भी की गई।
बेटी की याद में लगेगा स्टैचू, 30 जून को प्रशासन लगाएगा कैंप
छात्र संगठन एसएफआई (SFI) के प्रतिनिधियों ने बताया कि दिवंगत बेटी सिया की स्मृति को संजोए रखने के लिए गोपालपुर-नैण लिंक रोड चौक पर आगामी एक महीने के भीतर एक स्टैचू (मूर्ति) स्थापित किया जाएगा और शिक्षण संस्थानों में लाइब्रेरी भी बनाई जाएगी।
संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे। दूसरी ओर, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम राजेंद्र गौतम ने प्रतिनिधिमंडल को त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
प्रशासन द्वारा आगामी 30 जून को गोपालपुर में एक विशेष जागरूकता शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें नशे की रोकथाम और सुरक्षा को लेकर एक ठोस एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।