मंडी:
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के 21 आयुर्वेदिक अस्पतालों को आयुष्मान भारत और हिमकेयर योजना से डी-एम्पैनल (बाहर) किए जाने के निर्णय पर कड़ा प्रहार किया है।
उन्होंने सरकार के इस कदम को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, जनविरोधी और गरीब विरोधी करार देते हुए कहा कि सुक्खू सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित होने के बाद अब प्रदेश की जनता को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं से भी वंचित करने पर उतारू हो गई है।
राकेश जमवाल ने आधिकारिक आदेशों का हवाला देते हुए बताया कि 23 जून 2026 को जारी अधिसूचना के बाद से ही इन 21 आयुर्वेदिक अस्पतालों में आयुष्मान भारत (AB-PMJAY) और हिमकेयर योजना के तहत मिलने वाला मुफ्त इलाज बंद कर दिया गया है।
जमवाल ने कहा कि इस फैसले से प्रदेश के हजारों गरीब, किसान, मजदूर और दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्ग सीधे तौर पर प्रभावित होंगे, जो गंभीर बीमारियों की स्थिति में इन लोक-कल्याणकारी योजनाओं के भरोसे अपना इलाज करवाते थे।
क्या व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर सुविधाएं बंद करना मजबूरी थी?
प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाते हुए राकेश जमवाल ने पूछा कि यदि इन अस्पतालों को किसी नई व्यवस्था या पोर्टल के अनुरूप जोड़ा जाना था, तो सरकार ने समय रहते अपनी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी क्यों नहीं की?
आखिर सरकार की ऐसी क्या मजबूरी थी कि एक साथ 21 अस्पतालों में गरीबों का इलाज रोक दिया गया? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार केवल केंद्र की जनहितैषी योजनाओं को कमजोर करने और अपनी आर्थिक विफलताओं का बोझ आम जनता पर डालने का काम कर रही है।
स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर, भाजपा करेगी राज्यव्यापी विरोध
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में पहले से ही डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी है और आए दिन दवाइयों व जरूरी संसाधनों का टोटा देखने को मिलता है।
ऐसे नाजुक दौर में गरीबों के स्वास्थ्य सुरक्षा कवच (आयुष्मान व हिमकेयर) पर रोक लगाना सरकार की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। उन्होंने मांग की है कि सुक्खू सरकार तुरंत इस फैसले की समीक्षा करे और सभी 21 आयुर्वेदिक अस्पतालों में इन सुविधाओं को बहाल करे।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इस जनविरोधी फैसले को वापस नहीं लिया, तो भाजपा जनता के हक के लिए सड़कों पर उतरकर प्रदेशभर में उग्र आंदोलन करेगी।