200 से अधिक पन्नों की चार्जशीट में फोरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और वैज्ञानिक साक्ष्य शामिल; शुरू हुई गवाही की प्रक्रिया
हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित सिया हत्याकांड में अब न्यायिक प्रक्रिया तेज हो गई है। अतिरिक्त सत्र न्यायालय, सरकाघाट में शुक्रवार को अभियोजन पक्ष के पहले गवाह का बयान दर्ज किया गया। इसके साथ ही मामले में साक्ष्य दर्ज करने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है।
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई में तेजी लाने का निर्णय लिया है। इसके तहत ट्रायल की प्रक्रिया लगातार सात दिनों तक चलाने का फैसला किया गया है। माना जा रहा है कि लगातार सुनवाई से मामले में गवाही और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने में मदद मिलेगी।
पहले गवाह ने बताई घटना की जानकारी
अभियोजन पक्ष के पहले गवाह ने अदालत में बयान देते हुए बताया कि 13 अप्रैल को शोर सुनने के बाद वह घटनास्थल पर पहुंचे थे। मौके पर उन्होंने छात्रा सिया को सड़क पर गंभीर रूप से घायल अवस्था में देखा। इसके बाद उन्होंने पुलिस को घटना की सूचना दी।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने गवाह से घटनास्थल तक पहुंचने के समय, मौके की दूरी और पुलिस को सूचना देने की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल किए। गवाह से घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जिरह की गई।
चार्जशीट में शामिल हैं कई महत्वपूर्ण साक्ष्य
पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद 11 जून को अदालत में 200 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। इस आरोपपत्र में फोरेंसिक रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक और वैज्ञानिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज तथा कई गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं।
आरोप तय होने के बाद अब अदालत में गवाहों की नियमित गवाही का दौर शुरू हो चुका है। पुलिस जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष अपना पक्ष अदालत के सामने रख रहा है।
गौरतलब है कि 13 अप्रैल को मंडी जिले के गोपालपुर क्षेत्र के बैंजी चौक में कॉलेज जा रही छात्रा सिया की दिनदहाड़े तेजधार हथियार से हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने कथित आरोपी विकास पटियाल को मौके पर ही पकड़ लिया था और उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया था।
इस घटना के बाद पूरे हिमाचल प्रदेश में आक्रोश देखने को मिला था। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और शीघ्र न्याय की मांग उठाई थी।
सात दिन की लगातार सुनवाई पर नजर
सिया हत्याकांड की सुनवाई अब महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। अदालत में लगातार सात दिनों तक होने वाली कार्यवाही के दौरान कई गवाहों के बयान दर्ज होने की संभावना है। मामले से जुड़े सभी पक्षों की नजर अब आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई है।
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