शिमला।
जिला शिमला पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ अपने अभियान को और तेज करते हुए नशे की सप्लाई चेन को ध्वस्त करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 'बैकवर्ड लिंकेज' (नशा कहाँ से आया) का पीछा करते हुए पंजाब के गुरदासपुर और चंडीगढ़ से दो मुख्य सप्लायरों को दबोचा है। इस कार्रवाई से न केवल स्थानीय पेडलर, बल्कि अंतरराज्यीय नेटवर्क के संचालकों पर भी शिकंजा कसा गया है।
रोहड़ू पुलिस ने पंजाब के गुरदासपुर से पकड़ा मुख्य सप्लायर
रोहड़ू में मार्च महीने में दर्ज एक मामले (53 ग्राम चिट्टा बरामदगी) की गहन जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि स्थानीय आरोपी पिंकू राम उत्तर प्रदेश के सलमान हैदर के संपर्क में था।
सलमान को 12 अप्रैल को बिजनौर से गिरफ्तार किया गया था। जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मुख्य सप्लायर थोमस मसीह (29) निवासी काला अफगाना, जिला गुरदासपुर (पंजाब) को 9 मई को गिरफ्तार किया। थोमस मसीह ही इस पूरे नेटवर्क को नशे की खेप भेज रहा था।
कोटखाई मामले में चंडीगढ़ से 'गोलू' गिरफ्तार
इसी तरह, कोटखाई पुलिस ने 29 मार्च को दर्ज एक मामले (जिसमें पिस्टल, चाकू और मेथ क्रिस्टल बरामद हुआ था) में बैकवर्ड लिंकेज ट्रेस करते हुए मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया है।
मामले के आरोपी रमणजीत सिंह ने खुलासा किया था कि उसने नशा चंडीगढ़ के 'गोलू' से खरीदा था। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने आज (10 मई 2026) मुख्य सप्लायर गोलू (29) निवासी दड़ूमाजरा, सेक्टर-38 वेस्ट, चंडीगढ़ को धर दबोचा।
जांच की गुणवत्ता में सुधार: 2026 में अब तक 33 बड़े तस्कर गिरफ्तार
शिमला पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत जांच की गुणवत्ता में क्रांतिकारी सुधार किया है। पुलिस अब केवल छोटे पेडलरों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि 'बैकवर्ड लिंकेज' के जरिए बड़े नेटवर्क ध्वस्त कर रही है।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में 4 और 2025 में 7 के मुकाबले, वर्ष 2026 में अब तक 33 आरोपियों को स्रोत तक पहुँचकर गिरफ्तार किया गया है। वर्ष 2026 में अब तक 25 नशा तस्करी नेटवर्कों को नेस्तनाबूद किया गया है, जबकि पिछले वर्षों में यह संख्या काफी कम थी।
सख्त और सुनियोजित अभियान रहेगा जारी
शिमला पुलिस ने उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और केरल जैसे विभिन्न राज्यों में सक्रिय अंतरराज्यीय नेटवर्कों की सप्लाई चेन को तोड़कर नशे के सौदागरों को कड़ा संदेश दिया है।
जिला पुलिस के अनुसार, इस प्रकार की सुनियोजित कार्रवाई से नशे की आपूर्ति प्रणाली कमजोर हो रही है। पुलिस आने वाले समय में भी नशे के कारोबार में संलिप्त बड़े चेहरों को बेनकाब करने के लिए प्रतिबद्ध है।